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पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार बहुत कुछ होगा पहली बार, देखिए

Fri, 06 Jan 2017 05:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब विस चुनाव - फोटो : File Photo
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तारीख की घोषणा होते ही पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गईं। इसके साथ ही इस बार बहुत कुछ पहली बार होगा। पंजाब में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की तैयारी में जुटे राज्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने अब तक 6000 ऐसे पोलिंग बूथ की पहचान की है, जो संवेदनशील हैं।
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यह बात बुधवार को पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आचार संहिता लागू होने की जानकारी देते हुए कही। पंजाब में मतदान 4 फरवरी को होगा, जिसके लिए अधिसूचना 11 जनवरी को लागू होगी।

प्रत्याशियों की ओर से नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 जनवरी है। नामांकन पत्रों की जांच का काम 19 जनवरी को होगा। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 21 जनवरी है।
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चुनाव अधिकारी कार्यालय में बुधवार शाम प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वीके सिंह ने बताया कि राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है और अब कोई भी राजनीतिक दल अपने लिए किसी सरकारी मशीनरी का उपयोग नहीं कर सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोहों के लिए भी राजनीतिक दलों को अपने वाहनों या किसी अन्य तरीके से प्रचार के लिए विज्ञापन की इजाजत नहीं होगी।

शिकायतों के लिए जारी किया गया टोल फ्री नंबर

पंजाब विधानसभा चुनाव
उन्होंने बताया कि इस बार के चुनाव के लिए आईटी आधारित शिकायत निगरानी की व्यवस्था की गई है और अब तक मिली करीब 500 शिकायतों में से 50 फीसदी का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1950 और आनलाइन पोर्टल समाधान का भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि चुनाव संबंधी शिकायतों को 24 घंटे में सुलझाने की व्यवस्था की गई है।

राज्य में पोलिंग बूथों की जानकारी मांगे जाने पर उन्होंने बताया कि चुनाव कार्यालय ने अब तक की तैयारियों के अंतर्गत पुलिस व प्रशासन की मदद से प्रत्येक पोलिंग स्टेशन की संवेदनशीलता का गहन अध्ययन किया है। इसके तहत अब तक 6000 ऐसे पोलिंग बूथ का पता चला है, जो संवेदनशील हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संवेदनशील पोलिंग बूथों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे।

वीके सिंह ने बताया कि 4000 पोलिंग बूथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी, जिससे राज्य चुनाव अधिकारी कार्यालय और यहां तक कि दिल्ली स्थित मुख्य चुनाव आयोग कार्यालय में भी उन पोलिंग बूथों पर मतदान की गतिविधियों को लाइव देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 2012 के चुनाव में ऐसी व्यवस्था केवल 200 पोलिंग बूथों पर ही की गई थी और ऐसा पहली बार है कि इतनी बड़ी संख्या में पोलिंग बूथों पर वेबकास्टिंग का फैसला किया गया है।
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इस बार चुनाव में यह होगा पहली बार

अमरिंदर सिंह
- नामांकन पत्र के साथ हर प्रत्याशी को एफिडेविट देकर बताना होगा कि उस पर कोई भी सरकारी देय (ड्यूज) बाकी नहीं है।
- प्रत्याशी की ओर से चुनाव प्रचार के लिए खर्च की सीमा 28 लाख रुपये तय की गई है।
- पोलिंग स्टेशनों के बाहर प्रत्याशी की ओर से लगाए जाने वाले पोल बूथ का खर्च प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगा।
- हर पोलिंग लोकेशन पर चुनाव अधिकारी कार्यालय वोटर असिस्टेंट बूथ स्थापित करेगा, जहां लोगों के लिए मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी।
- 55000 दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग बूथों तक लाने-ले जाने की विशेष व्यवस्था कराई जाएगी।
- सभी ईवीएम में नोटा का बटन होगा।
- 35 विधानसभा क्षेत्रों में सभी ईवीएम के साथ लगाई जाएंगी वीवीपीएटी मशीनें, जिससे वोटर को बटन दबाने के बाद यह पता चल सकेगा कि उसका वोट किस प्रत्याशी को गया है।
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