फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूस का यूक्रेन पर हमला: विद्यार्थियों के परिजनों में दहशत, सरकार से वापस लाने की गुहार, अमृतसर के कारोबारी चिंतित

Sat, 26 Feb 2022 01:19 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

दो वर्ष पहले कोवेनियन यूनिवर्सिटी यूक्रेन में मेडिकल एजुकेशन के लिए पहुंचे नंगल के माधवनगर के रहने वाले आदर्श जसवाल के परिवार के लोग काफी चिंतित हैं।
विज्ञापन
अमृतसर की रूबल शर्मा अपने पिता दिनेश शर्मा व माता इंदु शर्मा के साथ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन में पढ़ाई करने जाने वाले भारतीय छात्रों का भविष्य दांव पर है। एक तरफ बच्चों के लिए डिग्री लेना जरूरी है तो दूसरी तरफ परिजनों के लिए बच्चों की जिंदगी जरूरी है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की शर्तो के मुताबिक वहां डॉक्टरी करने के बाद विद्यार्थी को कम से कम एक साल वहां रह कर प्रैक्टिस करना जरूरी है। रूस के टैंकों के राजधानी कीव तक पहुंचने के बाद यूक्रेन के हालात बद से बदतर हो गए हैं। परिजन बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे सहमे हैं। सरकार से जल्द से जल्द भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं। 

विज्ञापन


पुतलीघर के रमेश कुमार ने बताया कि छह साल पहले उनका बेटा शुभम यूक्रेन में एमबीबीएस करने गया था। शुभम की डिग्री मुकम्मल हो चुकी है और अभी वह वहीं है। रूस द्वारा यूक्रेन पर टैंकों और हवाई हमले के बाद वहां रहने वाले बच्चों में ही नहीं बल्कि यहां रह रहे बच्चों के परिजनों में दहशत का माहौल है। परिजन अपने बच्चों की जिंदगी को लेकर चिंतित है। कल रात को शुभम का उन्हें फोन आया और उसने बताया कि वे वैसे तो सुरक्षित हैं पर पता नहीं यूक्रेन में कब क्या हो जाए। 

मोहनी पार्क निवासी राजेश कुमार और उनकी पत्नी सुमन शर्मा ने बताया कि उनका बेटा अमित कुमार वर्ष 2017 में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गया था। उनके बेटी की एमबीबीएस जून 2023 में पूरी होनी है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। 

विज्ञापन

बच्चों के लिए एक तरफ जहां डिग्री पूरी करना है तो दूसरी तरफ अपने आप को सुरक्षित रखना है। उन्होंने बताया कल रात बेटे अमित से बात हुई। अमित ने कहा कि उनकी 2 मार्च की दुबई के रास्ते भारत के लिए फ्लाइट बुक है। अभी वहां हालात खतरनाक हो गए हैं। शहर में टैंक घूम रहे हैं पर वह लोग होटल के अंदर सुरक्षित है। 

पुतलीघर स्थित शिमला मार्केट निवासी रूबल शर्मा ने बताया कि वे साल 2016 में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गई थी। इसके लिए उन्होंने खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था। उनकी डिग्री की पढ़ाई पूरी हो चुकी है और जून 2022 में उन्हें वहां से एमबीबीएस की डिग्री मिलनी है। 

उन्होंने बताया कि वे 26 जनवरी को अपने भाई अक्षय शर्मा, जो एयरफोर्स में अधिकारी है, की शादी में शामिल होने भारत आई थी। रूबल शर्मा के पिता दिनेश शर्मा ने बताया कि 26 फरवरी को उनकी बेटी को वापस कीव लौटना था लेकिन रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद वहां हालात बहुत तेजी से बदले हैं। ऐसी हालत में वहां जाना संभव नहीं। इन हालातों के बीच वहां पढ़ाई करने गए बच्चों का भविष्य वहां से मिलने वाली डिग्री पर टिका है। 

यूक्रेन में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने भी तत्परता दिखाते हुए यूक्रेन में फंसे लोगों के लिए शुक्रवार को हेल्पलाइन नंबर जारी कर दी। इसके लिए रेड क्रास भवन में टेलीफोन नंबर 0183-2500598 जारी किया गया है। इसका मकसद यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों और अन्य लोगों की जानकारी इकट्ठा करना है जिससे यह जानकारी राज्य सरकार संबंधित अधिकारी तक भेज सके। 

डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने अपील करते हुए कहा कि जिला से संबंधित जो व्यक्तियों के पारिवारिक सदस्य यूक्रेन में फंसे हैं। वे तुरंत सूचना मुहैया करवाएं। उस फोन पर कॉल करके यूक्रेन गए व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, पासपोर्ट नंबर, कॉलेज या यूनिवर्सिटी का नाम, यूक्रेन में उनका पता सहित अधिक से अधिक जानकारी प्रशासन के साथ साझा करें। 

यूक्रेन में फंसे आदर्श के परिजन परेशान
दो वर्ष पहले कोवेनियन यूनिवर्सिटी यूक्रेन में मेडिकल एजुकेशन के लिए पहुंचे नंगल के माधवनगर के रहने वाले आदर्श जसवाल के परिवार के लोग काफी चिंतित हैं। परिवार के लोगों ने अपने लाडले को लाने के लिए भारत सरकार से गुहार लगाई है। उनकी मां सोनिया जसवाल ने कहा कि आदर्श दो वर्ष पहले यूक्रेन गया था पर 23 जनवरी को होने वाली अपनी बहन की शादी में शामिल होने भारत आया था। शादी की रस्म पूरी करने के बाद 27 जनवरी को वापस यूक्रेन चला गया।
विज्ञापन

इन चीजों पर पड़ेगा युद्ध का प्रभाव
रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) के भाव तेजी से बढ़े हैं। इसका असर उद्योगों के कच्चे माल पर होगा। धागा और प्लास्टिक के दामों में तेजी से वृद्धि आई है। अमृतसर में तैयार होने वाला कपड़ा दिल्ली के रास्ते यूक्रेन तक पहुंचता है। अब कपड़ा उद्योग पर असर पड़ेगा। उद्योगपतियों के माथे पर चिंता की लकीर खिंचने लगी हैं। 

फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप खोसला ने बताया कि इसका सबसे ज्यादा असर आम इंसान की जिंदगी पर पड़ने वाला है। ज्यादातर उद्योग कच्चे तेल के साथ जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के साथ धागा, प्लास्टिक, लोहा सहित अन्य उद्योगों का कच्चा माल महंगा हो जाएगा। खोसला ने बताया कि एक तरफ तो चीजों के दाम बढ़ेंगे तो दूसरी तरफ चीजों की कमी हो जाएगी। 

द वार्प निटिंग एसोसिएशन के पंजाब अध्यक्ष संजय मेहरा टीनू ने कहा कि यहां से सीधे यूक्रेन के साथ कोई कारोबारी रिश्ता नहीं है। यूक्रेन के बदले हालातों का असर अर्थव्यवस्था पर होगा। इससे टेक्सटाइल उद्योग सीधा प्रभावित होगा। यहां से कपड़ा दिल्ली भेजा जाता है। उसके बाद दिल्ली में उसी कपड़े से रेडीमेड गारमेंट तैयार कर यूक्रेन भेजा जाता है। अब वहां युद्ध चल रहा है। कपड़े की खपत कम होगी और उत्पादन में भी कमी आएगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें