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चंडीगढ़: एयरपोर्ट पर चेहरे से हो सकेगी पहचान, नहीं रहेगी पासपोर्ट की जरूरत... पंजाब यूनिवर्सिटी में हो रहा शोध 

Fri, 25 Jun 2021 10:12 AM IST
निवेदिता वर्मा सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पीयू का वनस्पति विज्ञान विभाग पेड़ों की आयु बढ़ाने व अधिक ऑक्सीजन देने के तरीकों पर काम कर रहा है। इसके परिणाम भी जल्द आएंगे।  
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पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय से हर साल 300 से अधिक शोधार्थी पास होते हैं। यूनिवर्सिटी के कई शोध समाज को लाभ पहुंचा रहे हैं। वहीं कई विषयों पर शोध अभी चल रहे हैं। पीयू में कुछ ऐसे विषयों पर शोध चल रहे हैं जो पूरे होने पर काफी फायदेमंद होंगे और सरकारी मशीनरी को भी लाभ पहुंचाएंगे। इन शोध का सभी को इंतजार है।  

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चेहरा बताएगा... कहां के हैं नागरिक
विदेश जाने वाले लोगों को पासपोर्ट की आवश्यकता है। पासपोर्ट बनाने के लिए कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। कई लोग इस व्यवस्था में भी सेंध लगाने की कोशिश करते हैं। इन सभी से निजात दिलाने के लिए पीयू का एंथ्रोपोलॉजी विभाग शोध कर रहा है। इस शोध के जरिए चेहरा ही बता देगा कि आप किस देश के नागरिक हैं, यानी पासपोर्ट की जगह फेस स्कैन ले लेगा। जैसे ही लोग एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे तो चेहरा मशीन से गुजरेगा और सारी रिपोर्ट वहां के अधिकारियों को मिल जाएगी। बताते हैं कि शोध का कार्य लगभग पूरा हो गया है। यह जल्द सामने आएगा।

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शव पर लगे कीड़े बताएंगे व्यक्ति की मौत कब हुई

किसी भी व्यक्ति का शव मिलता है तो उसकी मौत की वजह और मौत कब हुई, इसका पता पोस्टमार्टम के जरिए लगता है। पोस्टमार्टम के लिए लंबी प्रक्रिया है। इसमें पुलिस से लेकर स्वास्थ्य विभाग के लोगों को शामिल करना पड़ता है। साथ ही समय भी अधिक लगता है। अब इन प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा। शव पर लगे कीड़े ही बता देंगे कि व्यक्ति की मौत कब और कैसे हुई। इन कीड़ों को स्कैन किया जाएगा। पूरे शोध पर पीयू का जंतु विज्ञान विभाग काम कर रहा है। इसके परिणाम भी जल्द सामने आएंगे। कई वैज्ञानिकों ने इस शोध को सराहा है। वे भी परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

पेड़ों की आयु बढ़ेगी और ऑक्सीजन देंगे अधिक
पेड़ों की भी आयु होती है, लेकिन कई बार वह समय से पहले दम तोड़ देते हैं। साथ ही वह ऑक्सीजन भी कम छोड़ पाते हैं। लोग पेड़ों के रोगों को भी पहचान नहीं पाते, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पीयू का वनस्पति विज्ञान विभाग इस पर शोध कर रहा है। पेड़ों की आयु बढ़ाने व अधिक ऑक्सीजन देने के तरीकों पर काम हो रहा है। इसके परिणाम भी जल्द आएंगे। इस विभाग की ओर से कई अन्य रोचक शोध चल रहे हैं। इनके परिणाम अगले साल तक मिलेंगे। यह विभाग काफी बड़ा है। यहां शोध भी बड़ी संख्या में होते हैं।
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