पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता व स्कूल स्टाफ में उम्मीद जगी है कि अब सरकारी स्कूलों का सुधार होगा। जिस तरह के सरकारी स्कूलों के हालात हैं, उसे देखते हुए एक सवाल मन में आता है कि आम आदमी पार्टी पंजाब के स्कूलों में दिल्ली मॉडल लागू कर पाएगी? पंजाब के सरकारी स्कूलों में गुरुओं की ही कमी चल रही है।
जालंधर के स्कूलों की दशा जानने के लिए सरकारी मॉडल को-एजुकेशन सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, लाडोवाली रोड का दौरा किया तो पता चला कि इस स्कूल में पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार हुआ है लेकिन बहुत ऐसे कार्य हैं जो स्कूल में करवाने की आवश्यकता है।
लाडोवाली रोड स्थित स्कूल में पंजाबी शिक्षक के दो पद खाली हैं। इसके अलावा पंजाबी प्रवक्ता का एक पद खाली है। हिंदी अध्यापक का एक पद खाली है। वहीं पीटीई और संगीत अध्यापक के पद अभी तक भरे ही नहीं गए हैं। अध्यापकों की कमी के कारण विज्ञान अध्यापक को पंजाबी पढ़ानी पड़ रही है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी के चार पद खाली हैं। इन सबके बावजूद सरकारी स्कूलों में पिछले कुछ वर्षों में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है लेकिन अब भी सरकारी स्कूलों में कुछ कमियां हैं, जिनको दुरुस्त करने की जरूरत है। अच्छी बात यह है कि स्कूल में विज्ञान व कंप्यूटर की प्रयोगशाला बनी है।
स्कूल में 1900 विद्यार्थी
लाडोवाली रोड स्थित स्मार्ट स्कूल में नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। स्कूल में लगभग 1900 विद्यार्थी हैं। मगर कमरों की संख्या कम है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने से तीन और कमरों की जरूरत है। इसके अलावा स्कूल स्टाफ के अनुसार स्कूल में अब भी बच्चों के बैठने के लिए 200 बेंच की कमी है। एक बेंच पर 3 से 4 विद्यार्थी पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छह शौचालय बने हैं। स्कूल स्टाफ के अनुसार तीन से चार शौचालय बनाए जाने की जरूरत है।
25 हजार नौकरियों से भरे जाएंगे शिक्षकों के पद: डीईओ
इस मामले में डीईओ सेकेंडरी हरिंदर पाल सिंह का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चुनाव के कारण आगे नहीं पाई थी। अब जब सरकार ने 25 हजार नौकरियां देने का एलान किया है तो इनमें से ही सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को भरा जाएगा।