जिला राजस्व अधिकारियों द्वारा भेजे अंतिम पत्र में सरकार की तरफ से यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर पत्र का जवाब नहीं दिया जाता और इसे लेकर राज्य सरकार को कार्रवाई करती है तो संबंधित अधिकारी उसके लिए निजी तौर पर जिम्मेदार होगा। विजिलेंस सूची में एसएएस नगर, जालंधर, होशियारपुर, मोगा, पटियाला, बरनाला, फरीदकोट, संगरूर समेत कई जिलों के पटवारियों और उनके निजी कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
पटवारियों के साथ प्राइवेट कर्मियों के नाम भी दिए
उल्लेखनीय है कि विजिलेंस विभाग ने पटवारियों की जो सूची राज्य सरकार को सौंपी है, उनमें पटवारी का नाम और उसके द्वारा अपने साथ लगाए गए प्राइवेट कर्मचारी का नाम भी दिया गया है। इस सूची में कई जिलों में 5-10 पटवारियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपने लिए निजी कर्मचारी रखे हैं।
विजिलेंस की ओर से सरकार को सूची सौंपते हुए ऐसे पटवारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश भी की गई है लेकिन सरकार संबंधित विभाग प्रमुखों की मिलीभगत के चलते दोषियों के खिलाफ जांच को एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकी है।
इस संबंध में राजस्व एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार चेतावनी के साथ पत्र भेजे हैं। अगर विभाग प्रमुखों ने जांच में सहयोग नहीं किया तो उनके खिलाफ भी सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।