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Haryana News: गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए 41 सदस्यीय समिति, एमएसएमई में तीन लाख रोजगार का लक्ष्य

Wed, 19 Oct 2022 03:18 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कैबिनेट ने पदमा योजना के मसौदे को भी मंजूरी प्रदान की है। पूरे राज्य में वन ब्लाक वन प्रोडेक्ट के तर्ज पर 143 ब्लाक में लघु उद्योग स्थापित होंगे।
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हरियाणा कैबिनेट की बैठक - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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हरियाणा मंत्रिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में अनेक अहम निर्णय लिए। प्रदेश में गुरुद्वारों का प्रबंधन अब 41 सदस्यीय तदर्थ समिति संभालेगी। नई हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति 18 महीने के भीतर चुनाव के जरिये गठित की जाएगी। सरकार इसके लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन)-2022 अध्यादेश लाने जा रही है। अध्यादेश आने के बाद तदर्थ समिति सदस्यों की तस्वीर साफ होगी। किसी विवाद से बचने के लिए सरकार सभी गुटों को समान प्रतिनिधित्व दे सकती है। 

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सरकार ने पदमा योजना के तहत 143 नए औद्योगिक कलस्टर में तीन लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है, इसमें 30 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता में मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) अधिनियम,  2014 में संशोधन करने जा रहे हैं। विधानसभा का शीतकालीन सत्र अभी दूर है, इसलिए अध्यादेश लाने का फैसला लिया है। शीतकालीन सत्र में संशोधन विधेयक आने की संभावना है। 41 सदस्यीय समिति चुनाव के लिए वोट बनवाने के साथ ही वार्डबंदी का काम भी करेगी। 2014 से चली आ रही 41 सदस्यीय तदर्थ समिति को सरकार ने भंग कर दिया है। नई गठित की जाने वाले समिति का कार्यकाल 18 महीने से अधिक नहीं होगा। 

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अधिनियम में ये प्रावधान 
अधिनियम के लागू होने के बाद चुनाव होने तक तदर्थ समिति को प्रबंधन, पर्यवेक्षण और निर्णय लेने के लिए नामित करने का प्रावधान है। नई समिति के गठन तक गुरुद्वारों की सभी संपत्तियों की देखरेख तदर्थ समिति ही करेगी। 18 महीने के भीतर चुनाव नहीं होते हैं तो समिति को संरक्षक के रूप में नामित करने का अधिकार रहेगा। पहले से लागू अधिनियम की धारा 16 में संशोधन के लिए यह अध्यादेश लाया गया है। प्रदेश में 75 गुरुद्वारे हैं, जिनकी आय करोड़ों में हे। इनके पास 3500 एकड़ जमीन है। दो दर्जन से अधिक गुरुद्वारों की मासिक आय 20 लाख रुपये अधिक है।

पदमा योजना में शामिल होगी चार हजार एकड़ जमीन
सरकार पदमा योजना के तहत लगभग 4000 एकड़ भूमि पर एमएसएमई के नए क्लस्टर (हर ब्लॉक में एक) स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु एडवांसमेंट (पीएडीएमए) योजना के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई।  इसका उद्देश्य योजना को धरातल पर उतारने में तेजी लाना है। क्लस्टर दृष्टिकोण का लाभ उठाकर ब्लॉक स्तर पर सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित किए जाएंगे। 

ये उद्योग उस ब्लॉक की जरूरतों और क्षमताओं पर आधारित होंगे। प्रारूप की स्वीकृति के बाद सरकार अब योजना को अधिसूचित करेगी। योजना का उद्देश्य स्थायी रोजगार और औद्योगीकरण पर जोर देना है। स्थानीय रूप से प्रासंगिक उत्पादों को इसमें बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य के किसानों को उत्पादकों से प्रोसेसर बनाएंगे। एक ब्लॉक-एक उत्पाद के तहत पदमा योजना 23 फरवरी 2022 को तैयार हुई और 10 अगस्त 2022 को इसे अनुमोदित किया गया था। 
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अन्य महत्वपूर्ण फैसले

गुरुग्राम की तर्ज पर फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण के गठन पर मुहर
हरियाणा में गुरुग्राम की तर्ज पर अब फरीदाबाद के विकास के लिए फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण के गठन पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण नियम, 2022 बनाने को स्वीकृति प्रदान की है।

पालम विहार-द्वारका मेट्रो विस्तार परियोजना की अंतिम डीपीआर मंजूर
हरियाणा सरकार ने पालम विहार और द्वारका सेक्टर-21 के बीच मेट्रो विस्तार परियोजना की अंतिम डीपीआर को मंजूरी दे दी है। रेजांगला चौक, गुरुग्राम से सेक्टर-21, द्वारका के बीच बेहतर परिवहन संपर्क प्रदान करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सरकार इस परियोजना पर 1541 करोड़ रुपये खर्च करेगी, बाकी खर्चा केंद्र उठाएगा।

जनस्वास्थ्य विभाग में ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों को मिलेगा एक समान पदोन्नति का मौका
हरियाणा सरकार ने हरियाणा लोक निर्माण विभाग (जनस्वास्थ्य शाखा) के कनिष्ठ अभियंता (ग्रुप सी) सेवानियम 1986 में संशोधन कर (संशोधन) नियम 2022 तैयार किए हैं। इससे ग्रुप सी एवं डी कर्मचारियों को योग्यता के आधार पर एक समान अवसर प्रदान होगा और विभाग में जेई काडर (सिविल और मैकेनिकल) में रिक्तियां भी भरी जा सकेंगी। राज्य के अन्य इंजीनियरिंग विभाग सरकार के निर्णय के अनुसार अपने नियमों में समान परिवर्तन लाएंगे। कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
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