रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में सड़क और रेल दुर्घटनाओं के कुल 11,876 हादसे हुए। इनमें कुल 6424 लोगों की मौत हुई, जिनमें सड़क हादसों में 5228 लोगों की मौत हुई, जबकि रेल दुर्घटना में 1127 लोगों को जान गंवानी पड़ी। साल 2021 के मुकाबले 2022 में सड़क हादसों में आठ फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। साल 2021 में कुल 11015 हादसे हुए थे।
मार्च और दिसंबर में ज्यादा हादसे
वैसे तो हर दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों को जान गंवानी पड़ रही है, मगर मार्च, अप्रैल, मई और दिसंबर में सबसे ज्यादा हादसे रिकॉर्ड किए गए। एनसीआरबी के मुताबिक हरियाणा में मार्च के महीने में सबसे ज्यादा हादसे दर्ज किए गए। मार्च में 1131, अप्रैल में 1037, मई में 1058 और दिसंबर में 1091 हादसे हुए। वहीं, सबसे कम हादसे जनवरी में दर्ज किए गए। जनवरी में 817 सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
ओवरस्पीडिंग की वजह से 1976 लोगों को जान गंवानी पड़ी
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक ओवरस्पीड की वजह से 3805 सड़क हादसे हुए। इनमें 1976 लोगों की मौत हुई, जबकि 2989 लोग घायल हुए। वहीं, लापरवाही से वाहन चलाने पर 4297 सड़क हादसे हुए, जिनमें 1955 की मौतें हुईं और 3395 लोग घायल हुए। नेशनल हाईवे पर 3636 हादसे हुए, जिनमें 2083 लोगों की मौत और 2924 घायल हुए। वहीं, स्टेट हाईवे में 922 लोगों की जान गईं, जबकि एक्सप्रेसवे पर 127 सड़क हादसों में 107 लोगों की मौतें हुईं। वहीं, सर्दियों में धुंध की वजह से 324 हादसों में 156 लोगों की मौत हुई, जबकि 262 लोग घायल हुए।