विदेश मंत्रालय की व्यवस्था में एक अपराधियों ने सेंध लगा दी। तत्काल पासपोर्ट बनवाकर विदेश की उड़ान भर ली। पुलिस की जांच रिपोर्ट पासपोर्ट विभाग को मिली तो आनन-फानन में अफसरों ने पासपोर्ट रद्द कर दिए। तलाश शुरू हो गई है। अब इनके पासपोर्ट दोबारा नहीं बन सकेंगे। साथ ही इन पर पेनाल्टी भी डाली जाएगी।
चालू वर्ष में अब तक पासपोर्ट विभाग ने 30 हजार से अधिक तत्काल पासपोर्ट बनाए हैं। पासपोर्ट आवेदकों को देने के बाद विभाग दी गई जानकारियों की जांच कराता है। यह रिपोर्ट अब विभाग को मिली है। जांच में पाया गया है कि 540 आवेदकों ने गलत जानकारियां दीं हैं। 20 फीसदी ऐसे आवेदक हैं, जिन पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हैं।
यह आवेदक चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के हैं। तत्काल पासपोर्ट बनवाने वालों में सर्वाधिक पंजाब के हैं। चंडीगढ़ में भी एक दर्जन से अधिक अपराधी तत्काल पासपोर्ट बनवाने में सफल हो गए। 60 फीसदी ऐसे आवेदक हैं, जिनके पते सही नहीं मिले या फिर लिखे एड्रेस पर निवास नहीं कर रहे हैं। आस-पास के लोगों ने भी उन आवेदकों को नहीं पहचाना।
दोबारा नहीं बन सकेगा पासपोर्ट
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पासपोर्ट विभाग ने इन सभी के पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। अब इनका डाटा सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। जैसे ही यह अपराधी या गलत जानकारी देने वाले दोबारा पासपोर्ट के लिए विभाग के पास आएंगे तो वह पकड़े जाएंगे। उन पर पेनाल्टी तो पड़ेगी ही, साथ ही उनका आजीवन पासपोर्ट भी नहीं बनेगा।
तत्काल पासपोर्ट के लिए आवश्यक दस्तावेज
- पता प्रमाण पत्र। इसमें आवेदक आधार कार्ड, वोटर आईकार्ड, बैंक पासबुक, बिजली या पानी का बिल, परिवार में किसी व्यक्ति का पासपोर्ट आदि दे सकता है।
- आयु प्रमाण पत्र। कक्षा दस का बोर्ड सर्टिफिकेट मान्य।
- एक मजिस्ट्रेट से शपथ प्रमाण पत्र। वह लिखकर देगा कि वह संबंधित व्यक्ति को भली प्रकार जानता है। उसका रिकॉर्ड खराब नहीं है।
- सामान्य से दो हजार रुपये अतिरिक्त शुल्क।
56 एनआरआई पतियों के पासपोर्ट रद्द
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पासपोर्ट विभाग ने 56 और एनआरआई पतियों के पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। इन्होंने अपनी पत्नियों का उत्पीड़न कई प्रकार से किया है। बुधवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र केदस्ताड़ा गांव की प्रियंका, इसी क्षेत्र की रीना चौहान, कोमल मदान, सीमा, शिवांगी आदि विभाग पहुंचीं। उनकी शिकायत दर्ज कर जांच की गई। पतियों पर दर्ज केस के आधार पर विभाग ने उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए।
मानसा निवासी अमृतपाल कौर के पति उन्हें छोड़कर आस्ट्रेलिया चले गए। वहीं की नागरिकता उन्हें मिल गई। विभाग ने उन्हें विदेश मंत्रालय के जरिये समन भिजवाने की सिफारिश की है। साथ ही अमृतपाल कौर की सास का पासपोर्ट रद्द कर दिया है। प्रताड़ना में उनकी सास का भी हाथ रहा है। मालूम हो कि हाल ही में विभाग ने 18 एनआरआइ पतियों के पासपोर्ट रद्द किए थे।
चालू वर्ष में तत्काल पासपोर्ट बनवाने वाले आवेदकों की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें 540 लोगों ने गलत जानकारियां दी हैं। कई आवेदकों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। इन सभी के पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। यह अब दोबारा पासपोर्ट नहीं बनवा सकेंगे। - शिबास कबिराज, क्षेत्रीय पारपत्र अधिकारी