पंजाब कांग्रेस के नेताओं का मन भाजपा में लगने लगा है। इससे पार्टी में पंजाब से प्रीत जगने की उम्मीद है। भाजपा में शामिल होने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनप्रीत बादल अकेले नहीं हैं, बल्कि इससे पहले कई दिग्गजों की फेहरिस्त है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने समर्थकों सहित पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
इसके अलावा पूर्व सांसद सुनील जाखड़, कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता जयवीर शेरगिल, बलवीर सिद्धु, गुरप्रीत सिंह कांगड़ और पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा जैसे नेता भाजपा में जा चुके हैं। 2022 के आम विधानसभा चुनाव में महज दो सीटों पर सिमट चुकी भाजपा के कुनबे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के आने से जहां कांग्रेस खाली हो रही है, वहीं भगवा मजबूती की ओर बढ़ रही है। जाहिर तौर पर पंजाब में भाजपा अपनी ताकत बढ़ाने की जद्दोजहद में है। इसी कोशिश में भाजपा अपनी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस सहित अन्य दलों से नेताओं को तोड़कर अपने खेमे में लाने की कवायद कर रही है। पार्टी की नजर अब लोकसभा चुनाव पर है। गृह मंत्री अमित शाह के 29 जनवरी को प्रस्तावित पटियाला दौरे से पहले मनप्रीत बादल की पार्टी में ज्वाइनिंग को अहम माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि कांग्रेस से लिए गए चेहरों के दम पर भाजपा यहां आने वाले वक्त में प्रमुख विपक्षी दल होने का ख्वाब देख रही है। गौर हो कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले पंजाब सीएम का पद और फिर कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद अपना राजनीतिक मंच बनाया। उनकी पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर इस साल के शुरुआत में पंजाब में चुनाव लड़ा था।
हालिया चुनाव में आप ने पंजाब में जबरदस्त जीत हासिल की और कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। आप की इस आंधी में अकाली दल भी खास प्रदर्शन नहीं कर सका। भाजपा अब प्रदेश में अकाली दल और कांग्रेस की हालत देख अपने लिए जगह बनाने की कोशिश कर रही है। उधर, पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का कहना है कि पार्टी में शामिल हो रहे वरिष्ठ नेताओं का स्वागत है। भाजपा में सभी को उचित मान सम्मान दिया जाएगा।