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बेअदबी के मामलों पर SGPC का ऐतिहासिक फैसला

Fri, 27 Nov 2015 01:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के मद्देनजर एसजीपीसी ने सभी गुरुद्वारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला लिया है। वीरवार को एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी की बैठक में यह फैसला किया गया।
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बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि ऐतिहासिक गुरुद्वारों में कैमरे एसजीपीसी लगवाएगी और बाकी जगह स्थानीय गुरुद्वारा कमेटियां यह काम करेंगी।

जिन कमेटियों के पास फंड की कमी है, उन्हें एसजीपीसी मदद देगी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी लगने से बेअदबी की घटनाओं को रोका जा सकेगा और आरोपी तत्काल पकड़ में आ जाएगा।
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तख्तों के जत्थेदारों को बदले जाने से संबंधित सवाल पर मक्कड़ ने कहा कि इस बारे में कोई एजेंडा नहीं था तथा न ही इस पर कोई चर्चा हुई। जत्थेदारों को बदले जाने की किसी भी संभावना से उन्होंने इंकार कर दिया।

मक्कड़ ने साफ किया कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता कायम रखना कमेटी की प्राथमिकता है और किसी को भी इसे नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

गत 10 नवंबर को आयोजित ‘सरबत खालसा’ के बाद हुई विभिन्न पंथक नेताओं की गिरफ्तारियों पर मक्कड़ ने कहा कि यह सरकार का काम है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार को जो उचित लगा, उसने किया।
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एसजीपीसी के अन्य फैसले
मुलाजिमों को दिसंबर 2015 से वेतन के साथ 8 फीसदी डीए दिया जाएगा
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मुख्य सचिव के फैसलों पर ऐतराज
एसजीपीसी के मुख्य सचिव हरचरण सिंह के कई फैसलों पर बैठक में आपत्ति जताई गई। कुछ फैसलों को रद्द भी किया गया। सूत्रों के अनुसार इस पर बैठक के दौरान तकरार भी हुई। मुख्य सचिव को रंजीत एवेन्यू अमृतसर में रिहायश की सुविधा देने से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक में पारित नहीं हुआ। इस बारे में मक्कड़ ने केवल इतना कहा कि कमेटी के काम के संबंध में मुख्य सचिव को कार्यप्रणाली समझाई गई, तकरार जैसी कोई बात नहीं।
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