अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस विधायक शीशपाल सिंह केहरवाला के पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अब सरकार ने यह प्रावधान किया है कि यदि विभाग एचकेआरएन के तहत रखे जाने वाले अपनी मैनपॉवर की मांग में बदलाव करना चाहते हैं, तो वे युवाओं के चयन से पहले कर सकते हैं। एक बार युवाओं का चयन हो गया तो विभाग को अनिवार्य रूप से उन्हें नियुक्ति देनी पड़ेगी। उन्होंने कहा-सरकारी विभागों की ओर से निगम के पोर्टल पर मैनपॉवर की मांग भेजी जाती है, उसके अनुरूप निर्धारित मानदंडों के अनुसार अंकों के आधार पर युवाओं का चयन करके विभागों को सूची भेज दी जाती है। हालांकि, कभी-कभी विभाग अपनी कर्मचारियों की मांग में बदलाव कर देते हैं, जिस कारण चयनित युवाओं को संबंधित विभाग ज्वाइन नहीं करवा पाते। उन्होंने यह भी कहा कि कौशल रोजगार निगम में वर्तमान में बीसी-ए की 16 प्रतिशत आरक्षण के विरुद्ध 15.64 प्रतिशत और बीसी-बी की 11 प्रतिशत आरक्षण के विरुद्ध 11.4 प्रतिशत मैनपॉवर है। इसके अलावा, 20.63 प्रतिशत कर्मचारी अनुसूचित जाति से संबंधित हैं।
इस्राइल के लिए 219 का चयन
इस मौके पर उन्होंने बताया कि हरियाणा कौशल रोजगार पोर्टल के माध्यम से इस्राइल जाने के लिए 8169 युवाओं ने आवेदन किया था, जिसमें से 1909 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 219 युवाओं का चयन किया गया है। इनके पासपोर्ट की सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद वे इस्राइल जाएंगे। ये सब कार्य इस्राइल सरकार और राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के माध्यम से हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को इस्राइल में लगभग 1 लाख रुपये से अधिक वेतन पर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। इन युवाओं के लिए बीमा की भी व्यवस्था की गई है।