सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पूर्व की हुड्डा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव केबाद कांग्रेस सरकार की ओर से राजनीतिक स्वार्थ के तहत 182 फैसले लिए गए, जिनकी समीक्षा की जाएगी। जो फैसले राजनीतिक हितों वाले होंगे, उन्हें बदलने में सरकार गुरेज नहीं करेगी।
कांग्रेस को लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद ही यह आभास हो गया था कि विधानसभा चुनाव में हार तय है। इसलिए ऐसे निर्णय लिए जो आने वाली सरकार के लिए परेशानी बने। पिछली सरकारों ने अंग्रेजों की नीति ‘फूट डालो राज करो’ पर काम किया है। लेकिन भाजपा सरकार ऐसा नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को यहां के पुराने आईटीआई मैदान में नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को पार्टी की कमान सौंपने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया।
सीएम खट्टर ने कहा कि पिछली सरकार गड्ढे छोड़कर गई है। एक हजार पटवारियों की भर्ती की, लेकिन उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं। साल भर में ढाई सौ पटवारियों का प्रशिक्षण दिलाया जाता है तो चार साल में इनकी नियुक्ति होगी। लेकिन सरकार अब दिसंबर में ही एक साथ सभी का प्रशिक्षण शुरू करा देगी।
पिछली सरकार ने नियमित भर्ती की बजाए 15 हजार गेस्ट टीचर लगाए। अब उनको नियमित करने पर विचार हो रहा है, लेकिन न्यायालय की शर्तों के आधार पर ही कार्रवाई होगी।