सीएम ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वावलंबन यह ऐसे क्षेत्र हैं, जिन पर अब सरकार पूरी वरीयता के साथ काम करेगी। प्रदेश में अब शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और ऊंचा करने, प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने व लोगों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में ज्यादा फोकस किया जाएगा।
मनोहर ने कहा कि आने वाले समय में अब हरियाणा ऐसा राज्य होगा जहां शांति, सद्भावना, आपसी भाईचारे की कड़ियां और मजबूत होंगी, हम ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ की आदर्श नीतियों पर चलते हुए कार्य करते रहेंगे। जल संरक्षण, पर्यावरण, जल संचयन व प्लास्टिक मुक्त हरियाणा की दिशा में भी होगा खास काम होगा।
राजनीतिक नुक्ताचीनी छोड़ सूबे की चौधर बढ़ानी होगी
सियासी विरोधियों को संदेश देते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा कि जब हम समस्याओं का समाधान देखते हैं तो हमें टुकड़ों में नहीं सोचना चाहिए, एक बार की वाहवाही के लिए काम को हाथ लगाकर छोड़ देना या हर मोड़ पर राजनीतिक नुक्ताचीनी करने से प्रदेश के युवाओं के सपनों को साकार करने में बड़ी बाधा आती है।
इससे उनके सपने टूट जाएंगें। सीएम के अनुसार आने वाले समय में हमें कोरी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि हरियाणवियों के जन कल्याण के लिए करना होगा। हमें क्षेत्र, जाति, वर्ग के भेदों से ऊपर उठकर राजनीतिक लैंस के बिना देश और दुनिया में हरियाणा की चौधर को बढ़ने का काम करना होगा। हर समस्या और उसके हर निदान को राजनीतिक के लैंस से देखने की प्रवृति छोड़नी होगी।
हर चीज को अपने क्षेत्र या जाति के चौधर के पैमाने से मापना बंद करना होगा। हमें चौधर की बात करने ही है, तो हरियाणा प्रदेश की चौधर की बात करनी होगी। आने वाले पांच साल में हरियाणा को हर क्षेत्र में बुलंदियों तक ले जाने में हरियाणा सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
पूर्व मुख्यमंत्रियों की ‘मनोहर’ तारीफ
सीएम मनोहर लाल ने हरियाणा दिवस के अवसर पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्रियों की तारीफ कर अपने विरोधियों को भी साधने का प्रयास किया है। सीएम ने कहा है कि हरियाणा की इस विकास यात्रा में राजनीतिक क्षेत्र के अनेक महानुभावों विशेषकर समय-समय पर प्रदेश के शासन की बागडोर संभालने वाले सभी भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपनी-अपनी सोच के अनुरूप महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रारंभ में पंडित भगवत दयाल शर्मा और राव वीरेंद्र सिंह थोड़े-थोड़े समय तक ही हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। मगर उन्होंने तत्कालीन चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया और नए संसाधन जुटाने के प्रयास किए। पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल ने 1970 के दशक में हर गांव तक सड़क और बिजली पहुंचाने के साथ-साथ उठान सिंचाई द्वारा मरू क्षेत्र में भी पानी पहुंचाने का काम किया।
पूर्व सीएम बनारसी दास गुप्ता ने विकास की गति का आगे बढ़ाया। पूर्व सीएम चौधरी देवीलाल ने ‘लोकराज, लोकलाज से चलता है’ का मूलमंत्र हमें दिया। उन्होंने समाज कल्याण की दिशा में 1980 के दशक में बुजुर्गों को 100 रुपये प्रतिमाह सम्मान पेंशन शुरू कर राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया। पूर्व सीएम भजनलाल के कार्यकाल में भी हरियाणा विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में आगे बढ़ा।
उन्होंने अपनी बेटी-अपना धन जैसा अनूठी योजना लागू करके करके कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का सूबे में प्रथम प्रयास किया। उनके बाद पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने हरियाणा को वैट लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनाया। उन्होंने ‘सरकार आपके द्वारा’ कार्यक्रम भी प्रदेश में शुरू किया। पूर्व सीएम हुकम सिंह ने भी राजनीति को सादगी के नए आयाम दिए। उसके बाद पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में भी हरियाणा ने आधारभूत ढांचे और खेलों के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की।