पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने को लेकर पार्टी में अंतर्कलह उभर कर सामने आने लगी है। एक तरफ जहां वरिष्ठ नेता कैप्टन की विदाई को गलत मान रहे हैं तो वहीं कुछ नेता नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी हाईकमान की ओर से दी गई खुली छूट से भी नाखुश हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी ने सोमवार को खुले तौर पर कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ कांग्रेस में ज्यादती हुई है। उन्होंने कैप्टन को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के तरीके और उन्हें पार्टी से अलग-थलग किए जाने पर एतराज जताया। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में तिवारी ने कहा कि कैप्टन सरीखे वरिष्ठ नेता के साथ पार्टी का यह व्यवहार अच्छा नहीं है।
दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक और पंजाब के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने प्रदेश में नवजोत सिंह सिद्धू और चन्नी सरकार के बीच चल रही खींचतान पर एतराज जताते हुए अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को भेज दिया।
सोमवार को उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम लिखे अपने इस्तीफा पत्र में कहा कि वह पंजाब में नवजोत सिद्धू द्वारा अपनी सरकार के खिलाफ की जा रही विवादित टिप्पणियों का बचाव नहीं कर पा रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ का कार्यकाल सराहनीय रहा है।
हाल ही में पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान के साथ व्यापार शुरू करने की वकालत की थी। मनीष तिवारी ने सिद्धू से जुदा अपनी राय दी थी। तिवारी ने कहा था कि पाकिस्तान को पहले पंजाब में आतंकी व नशा भेजना बंद करना होगा। जब तक यह नहीं होता है तब तक व्यापार की बात करना बेकार है।