समाजसेवी महंत रमेश्वर गिरी ने डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा को शिकायत देकर कहा कि मनीमाजरा नशा और चोरी का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण असामाजिक तत्वों का हौसला बढ़ता जा रहा है। मनीमाजरा में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से आपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नशे में धुत होकर मोबाइल छीनने और भागने, बाइक चोरी समेत लूटपाट की दर्जनों वारदात लगातार सामने आ रही हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों का पुलिस से विश्वास उठ रहा है।
पुलिस इन पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
पीड़ित ने थाने जाकर दी लिखित शिकायत, नहीं दर्ज की एफआईआर
तरुण ने बताया कि उन्होंने मनीमाजरा थाने में लिखित शिकायत दी है लेकिन पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की। दरअसल पुलिस मामले को सुलझाने के बाद एफआईआर दर्ज करती है ताकि साथ ही उसकी गिरफ्तारी दिखाई जा सके। अगर पुलिस केस दर्ज करती है तो क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और डिस्ट्रिक्ट सेल भी इस मामले को सुलझाने में लगती। अब केस दर्ज न होने से मामला केवल मनीमाजरा थाने तक सीमित रह गया है।