मानेसर लैंड स्कैम मामले में मंगलवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में केस के मुख्य आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत सभी 33 आरोपी पेश हुए। सुनवाई के दौरान आरोपों पर बहस हुई। मामले की अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी। हुड्डा सरकार पर अपने कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डरों को कौड़ियों के भाव बेचने का आरोप है। यह जमीन तीन गांवों की है। गांव के किसानों ने मामले में गुरुग्राम के मानेसर पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया था। भाजपा सरकार ने 17 सितंबर 2015 को मामला सीबीआई के सुपुर्द किया था।
सीबीआई ने जांच के बीच जमीन अधिग्रहण में कथित अनियमितता को लेकर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत केस दर्ज किया था। आरोप है कि पूरे मामले में हरियाणा सरकार के अधिकारियों और बिल्डरों के बीच सांठगांठ थी। दरअसल, पिछली सरकार ने आईएमटी मानेसर की स्थापना के लिए 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला के ग्रामीणों को सेक्शन 4, 6 और 9 के नोटिस थमा दिए थे। इसके बाद प्राइवेट बिल्डरों ने किसानों को अधिग्रहण का डर दिखाकर जमीनों के सौदे किए और जमीन को कौड़ियों के भाव खरीद लिया।
इसी दौरान डायरेक्टर इंडस्ट्रीज ने 24 अगस्त 2007 को सरकारी नियमों की अवहेलना कर बिल्डर द्वारा खरीदी जमीन को अधिग्रहण प्रोसेस से रिलीज कर दिया। सीबीआई ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। जिसमें हुड्डा के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के खिलाफ चार्जशीट में नाम आया है। जमीन घोटाले को लेकर सीबीआई ने हुड्डा सहित 34 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को केस दर्ज किया था। इस मामले में ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। कांग्रेस लगातार इस कार्रवाई को सियासी रंजिश का नाम दे रही है।
ये है मामला
अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत से गुरुग्राम जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन सस्ते दामों में खरीद ली थी। कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार सरकार पर करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करके उसे औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।
सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं मामले के आरोपी भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। चार्जशीट में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के नाम हैं। मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई ने पूर्व सीएम सहित 34 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था।
इस मामले में ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआइ की एफआईआर के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया था।