मंडी खाली न होने का देते थे कारण
ग्रेन मार्केट के सचिव मोहित सूद का कहना है कि दुकान सजने के बाद सफाई करने वाले पहुंचते हैं। सफाई कर्मी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि दुकानवालों को हटाना उनका काम नहीं है। ऐसे में वे बस कुछ जगह की सफाई करते हैं जबकि नगर निगम को इस समस्या के समाधान पर काम करना चाहिए। वहीं ग्रेन मार्केट के अध्यक्ष राजकुमार बंसल का कहना है कि अतिक्रमण करने वालों को हटाना निगम की ही जिम्मेदारी है। इसके अलावा दिन के बजाय रात में सफाई अभियान चलता तो आज स्थिति कुछ और ही होती लेकिन सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। यहां पुरानी मशीनों से सफाई संभव नहीं है।
मंडी एक नजर में
- फल, सब्जी और ग्रेन मार्केट मिलाकर कुल 180 दुकानें
- प्रतिदिन 18 से 20 टन निकलता है कूड़ा
- मंडी में 1.5 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण कराया जा रहा है
- सीवर लाइन के लिए 90 लाख रुपये में किया गया है टेंडर
मंडी में सफाई के लिए मार्केट कमेटी ने टेंडर कॉल कर दिया है। बुधवार टेंडर के लिए आवेदन की अंतिम तिथि है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नगर निगम के साथ समझौते को दो महीने के लिए बढ़ाया गया था। यह समय सीमा अक्तूबर में पूरी हो जाएगी।
- संयम गर्ग, प्रशासक मंडी कमेटी