फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandeep Kaur: बोइंग-777 उड़ाती हैं मोहाली की मंदीप, अब फैशन की दुनिया में लैंडिंग, बन चुकी हैं मिसेज चंडीगढ़

Thu, 04 Apr 2024 04:33 PM IST
निवेदिता वर्मा अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, मोहाली

सार

मंदीप कौर ने हैदराबाद से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उनके पिता अमरीक सिंह एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) में निदेशक थे और वे चाहते थे कि उनकी बेटी पायलट बने। पिता की इस इच्छा को पूरा करने के लिए हैदराबाद विंग्स एविएशन से ट्रेनिंग ली।
विज्ञापन
मंदीप कौर - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हौसले बुलंद हों तो आपको सफलता की उड़ान भरने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसी ही उड़ान भरी है मोहाली की मंदीप कौर गहौत्रा ने। मंदीप पेशे से पायलट हैं और बोइंग-777 उड़ाती हैं। अब वह फैशन की दुनिया में भी सुरक्षित लैडिंग के लिए तैयार हैं। मंदीप मिसेज चंडीगढ़ का खिताब जीतने के बाद अब मिसेज इंडिया वर्ल्ड का ऑडिशन क्लीयर कर चुकी हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि हैदराबाद से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने जॉब शुरू की। जिंदगी सामान्य चल रही थी लेकिन दो साल की नौकरी के बाद उनके जीवन में एक बदलाव आया। उनके पिता अमरीक सिंह एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) में निदेशक थे और उन्होंने बेटी से इच्छा जताई कि उसे पायलट बनना चाहिए। पिता की इस इच्छा को पूरा करने के लिए वह मैदान में उतर पड़ीं। दिसंबर 2008 से हैदराबाद विंग्स एविएशन में ट्रेनिंग शुरू की। ट्रेनिंग पूरी हुई तो फ्लाइंग में परिपक्वता के लिए मल्टी इंजन रेटिंग ट्रेनिंग के लिए फ्लोरिडा चली गईं। वहां ट्रेनिंग पूरी कर कुछ समय बाद तक खाली बैठी रहीं लेकिन हौसला नहीं छोड़ा।

शादी के बाद वर्ष 2017 में उनको एयर इंडिया में पायलट की जॉब मिल गई। पति ताज कंवर सिंह अजरावत ने उन्हें सपोर्ट किया। नई दिल्ली से कोलकाता की पहली उड़ान भरी तो आंखों में आंसू थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पहले एयरबस-320 की पायलट रहीं, बाद में बोइंग-777 का चैलेंज मिली क्योंकि इसकी उड़ान करीब 14 घंटे की होती है।
विज्ञापन


मंदीप ने बताया कि एक पायलट अपने कंधों पर सैकड़ों यात्रियों की जिम्मेदारी वहन करता है। कॉकपिट में इंट्री के साथ ही उसकी जिम्मेदारी शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी स्थिति आती है जिसको संभालना काफी मुश्किल होता है। पायलट और एयरक्राफ्ट टीम इसे हैंडल करती है।

फैशन की दुनिया में ऐसे हुई एंट्री
मंदीप कौर ने बताया कि चंडीगढ़ में बीयू पेजेंट का आयोजन हुआ तो वह भी इसमें प्रतिभागी बनीं और खिताब भी जीता। दो सप्ताह पहले मिसेज इंडिया वर्ल्ड के ऑडिशन हुए तो उसमें भी हिस्सा लिया और ऑडिशन क्लीयर कर अब आगे भी प्रतिभागी रहेंगी। खुद को फिट रखने के लिए वह योग और रनिंग करती हैं। मंदीप कौर ने कहा कि अब समय बदल चुका है, लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। चाहे कोई भी फील्ड हो। मेरी तरह लड़कियां पायलट बन रही हैं और आसमान में उड़ान भर रही हैं। देश की रक्षा के लिए सेना में शामिल हो रही हैं। डॉक्टर और साइंटिस्ट भी बन रही हैं। यह अच्छा संकेत है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें