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Chandigarh News: चंडीगढ़ में पीजी में घुस दो बहनों की हत्या के दोषी को उम्रकैद

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संवाद न्यूज एजेंसी
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चंडीगढ़/जीरकपुर। स्वतंत्रता दिवस के दिन सेक्टर-22 के पीजी में दो सगी बहनों की हत्या के सात साल पुराने मामले में जिला अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी जीरकपुर का रहने वाला कुलदीप सिंह (39) है। कुलदीप सिंह के पिता चंडीगढ़ पुलिस में इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत ने चार दिन पहले आरोपी को दोषी ठहराया था। सजा पर अंतिम फैसला सोमवार को सुनाया गया।
अदालत ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए कहा कि यह अपराध पूर्व नियोजित और अत्यंत क्रूर था। इसी आधार पर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार कुलदीप और पंजाब के जिला फाजिल्का की रहने वाली मनप्रीत कौर के बीच वर्ष 2010 से जान-पहचान थी। सेक्टर-34 के एक निजी कंपनी में नौकरी के दौरान दोनों की दोस्ती हुई जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई।
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समय के साथ रिश्ता शादी तक पहुंचा लेकिन करीब छह से सात महीने पहले किन्हीं कारणों से शादी तय नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपी मनप्रीत पर शक करने लगा और दोनों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। मनप्रीत ने कुलदीप के संदेशों से दूरी बनानी शुरू कर दी थी जिससे वह और अधिक आक्रोशित हो गया। 15 अगस्त 2019 की सुबह करीब चार बजे कुलदीप छत के रास्ते सेक्टर-22 में पीजी में दाखिल हुआ। खिड़की से कुंडी खोलकर वह उस कमरे में पहुंचा जहां दोनों बहनें सो रही थीं। पहले उसने मनप्रीत का मोबाइल चेक करने की कोशिश की लेकिन हाथों में मेहंदी होने के कारण लॉक नहीं खुल सका। इसी दौरान शोर होने पर राजवंत कौर जाग गई और वाशरूम चली गई। थोड़ी देर बाद मनप्रीत की भी नींद खुली और आरोपी को देखकर दोनों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने चुन्नी से मनप्रीत का गला दबाया और कैंची से उसका गला रेतकर हत्या कर दी। बहन को बचाने पहुंची राजवंत कौर पर भी उसने हमला किया जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
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