चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय वेटरन एथलीट मान कौर (105) की तबीयत गंभीर है। उनके लगातार गिरते स्वास्थ्य को लेकर परिवार चिंतित है। मान कौर के 82 वर्षीय मास्टर एथलीट बेटे गुरदेव सिंह ने मां के अच्छे इलाज के लिए सरकार से व्यवस्था करने की अपील की है।
गुरदेव सिंह ने बताया कि मां मान कौर की तबीयत में अभी कोई सुधार नहीं दिख रहा है। उनके एक जानकार ने मोहाली के होम्योपैथिक डॉक्टर के बारे में जानकारी दी थी। मान कौर की सारी जांच रिपोर्ट लेकर सोमवार को मोहाली के होम्योपैथिक डॉक्टर से मिला। जांच रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखी हैं, जिसे देना शुरू कर दिया है।
वहीं, मान कौर का हालचाल पूछने शहीद भगत सिंह जागृति मंच पंचकूला के अध्यक्ष जगदीश भगत सिंह ने उनकेसेक्टर-40 स्थित आवास पर पहुंचे। जगदीश भगत सिंह ने कहा कि अंतराष्ट्रीय एथलीट मान कौर के इलाज की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए। इस दौरान गुरदेव सिंह ने कहा कि जिस वेटरन एथलीट ने देश के साथ विदेशों में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया, सरकार को उसकी उचित देखभाल का जिम्मा उठाना चाहिए।
मान कौर बीते एक जुलाई से कोई आहार नहीं ले रही थीं। इस वजह से उनके शरीर में धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ने पर बीते शनिवार को सेक्टर-20 के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों के परामर्श के बाद सेक्टर-40 में उनके आवास पर ग्लूकोज दिया गया था, ताकि उनके शरीर में ऊर्जा बनी रहे। बता दें कि मान कौर गॉल ब्लैडर कैंसर से जूझ रही हैं, जिस वजह से उन्हें पेट में दर्द व सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। पहले उनका इलाज पटियाला में चल रहा था, लेकिन जब उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिवार वाले उन्हें चंडीगढ़ में ले आए।
बेटे के कहने पर शुरू की थी दौड़ लगानी
कौर ने 93 वर्ष की उम्र में बेटे के कहने पर दौड़ लगानी शुरू की थी। उन्होंने 102 साल की उम्र में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 100 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड मेडल जीतकर सभी को हैरान कर दिया था। इसके बाद उन्होंने ऑकलैंड में स्काई टॉवर पर ‘स्काई वॉक’ कर रिकॉर्ड बनाया था। उस समय उनकी उम्र 102 साल की थी। यह स्काई टॉवर शहर से 192 मीटर की ऊंचाई पर था। इस विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने में मान कौर के 80 साल के बेटे गुरदेव सिंह ने उनका साथ दिया। मान कौर ने अपने बेटे का हाथ पकड़कर यह ‘स्काई वॉक’ की। ऑकलैंड में मान कौर ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज कराया था। मान कौर अभी तक 8 विश्व रिकार्ड बना चुकी हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 35 से ज्यादा मेडल जीता है।