चंडीगढ़ की 101 वर्षीय वृद्ध एथलीट मान कौर को चीन ने वीजा देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि उनको चीन में होने वाली एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने जाना था। कौर ने बताया कि ऑकलैंड में अप्रैल में आयोजित वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स में सौ मीटर रेस में गोल्ड जीतने के बाद वह चीन में होने वाली चैंपियनशिप के लिए काफी मेहनत कर रही थीं।
वीजा रिजेक्ट होने से मान कौर काफी दुखी है। उन्होंने बताया कि जब भी वह कहीं भी गईं हैं तो मेडल जीतकर ही लौटी हैं। उन्होंने कहा कि वीजा रिजेक्ट होने के बाद भी यह कोई अंत नहीं है। वह अपनी ट्रेनिंग जारी रखेंगी और भविष्य की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगी। कौर ने आठ साल पहले 93 वर्ष की उम्र में एथलेटिक्स की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि उन्होंने सौ मीटर, दो सौ मीटर, शॉट पुट और जैवलिन थ्रो में भाग लिया।
उन्होंने बताया कि वह दुनिया भर में घूमी हैं। अमेरिका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसे देशों में भी गई हैं पर वीजा कभी रिजेक्ट नहीं हुआ। कौर कनाडा की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि चाइनीज एंबेसी ने बताया है कि उनके पास कोई पर्सनल इनवाइट नहीं है पर उनके पास इंडियन मास्टर्स एथलेटिक्स एसोसिएशन का लेटर है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या जो लोग चीन जाते हैं उनके पास कोई विशेष निमंत्रण होता है, ऐसे में चीन को इवेंट के लिए वीजा देने में आपत्ति क्यों? कौर के बेटे ने बताया कि वह और उनकी मां अगले माह टोरंटो के लिए ट्रेवल करेंगे जहां उनकी मां को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिलेगा।