शव को कुत्तों द्वारा भी नोचा हुआ था। वारदात की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया था। इस संबंध में पुलिस ने गुरमीत की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दो दिन बाद ही पुलिस ने शक के आधार पर टैक्सी चालक ईश्वर को गिरफ्तार किया था।
यह था मामला
पुलिस पूछताछ के दौरान ईश्वर ने बताया कि वह चार-पांच साल से राजू को जानता था और दोनों टैक्सी स्टैंड पर गाड़ी लगाते थे। वारदात वाले दिन पहले उन दोनों ने टैक्सी स्टैंड पर शराब पी थी। उसके बाद अपनी-अपनी गाड़ी लेकर घर के लिए निकल गए। रास्ते में ईश्वर ने डबल फाटक के पास राजू को फोन करके पकौड़े वाली रेहड़ी पर बुलाया।
कुछ देर बाद राजू वहां पहुंच गया। वहां उन दोनों ने गाड़ी में बैठ कर शराब पी। ईश्वर ने राजू से उधार दिए हुए 3500 रुपये मांगे। राजू ने रुपये देने से इनकार कर दिया और गाली-गलौज करने लगा। ईश्वर ने कहा कि राजू बार-बार गाली देने लगा तो उसने तैश में आकर छुरी से उसके गले पर तीन वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके कपड़े तथा जूते सेक्टर 9-11 में सुनसान जगह पर छिपा दिए। अगले दिन मालिक के घर गाड़ी खड़ी करके अपनी बहन के पास चला गया। वहां पर उसने चाकू छिपा दिया। पुलिस ने रिमांड के दौरान कपड़े और चाकू बरामद कर लिए थे।