जैसे वह बाकी शहर की सफाई करता है, वैसे ही उसे मलोया की भी करनी चाहिए। लेकिन नगर निगम के अधिकारी इन आदेशों को मानने को तैयार ही नहीं हैं। उनका कहना है कि उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठता है कि कब तक मलोया निवासी बिना साफ-सफाई के जीने को मजबूर होंगे।
मलोया में साफ-सफाई के लिए नगर निगम को कहा गया है। सफाई के लिए एक राशि देने पर सहमति बनी थी। सीएचबी ने इसके लिए फंड बनाकर मंजूरी के लिए भेजा लेकिन अस्वीकार कर दिया गया। एक व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वहां लोगों को समस्या न आए। - यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड।
हाउसिंग बोर्ड की तरफ से हमें न कोई पत्र लिखा गया है और न कोई सफाई के लिए भुगतान किया गया है। फिलहाल इन मकानों की जिम्मेदारी हाउसिंग बोर्ड की है। उनकी तरफ से बैठक में हुए फैसले के अनुसार हमें भुगतान किया जाएगा, उसके बाद निगम सफाई व्यवस्था शुरु करेगा। - केके यादव, आयुक्त, नगर निगम।