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ईद का तोहफा: पंजाब का 23वां जिला बना मालेरकोटला, कैप्टन ने खोला घोषणाओं का पिटारा

Fri, 14 May 2021 11:02 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कैप्टन ने मालेरकोटलावासियों के लिए उपहारों की घोषणा करते हुए कहा कि शेर मोहम्मद खान के नाम पर 500 करोड़ रुपये की लागत से मालेरकोटला में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : twitter.com/capt_amarinder
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विस्तार
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मालेरकोटला पंजाब का 23वां जिला बन गया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ईद-उल-फितर के मौके पर मालेरकोटला को जिला घोषित करने के साथ ही शुक्रवार को इस नए जिले के लिए नए डीसी की नियुक्ति का एलान भी कर दिया। 

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कैप्टन ने मालेरकोटलावासियों के लिए उपहारों की घोषणा करते हुए कहा कि शेर मोहम्मद खान के नाम पर 500 करोड़ रुपये की लागत से मालेरकोटला में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। 12 करोड़ रुपये की लागत से लड़कियों के लिए एक और कॉलेज स्थापित किया जाएगा। एक बस स्टैंड, एक महिला थाना भी बनेगा, जिसे सिर्फ महिला कर्मचारी ही चलाएंगी।


मालेरकोटला पंजाब का एकमात्र मुस्लिम बहुल एरिया है। मालेरकोटला के नवाब शेर मोहम्मद खान ने सरहिंद के सूबेदार का विरोध करते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों के पक्ष में अपनी आवाज उठाई थी। इसके चलते पंजाब के इतिहास में उनका एक सम्मानित स्थान है।
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नवाब शेर मुहम्मद खान ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के दोनों छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह, जोकि उस समय सात साल और नौ साल की उम्र के थे, को जीवित ही दीवार में चिनवा देने के आदेश का खुलेआम विरोध किया था। नवाब शेर मुहम्मद खान के इस बहादुरी भरे कदम के बारे में पता लगने पर दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने उन्हें आशीर्वाद दिया और मालेरकोटला की सुरक्षा का वचन दिया था। गुरु साहिब जी ने नवाब शेर मुहम्मद खान को श्री साहिब भी भेजा था।


इससे पहले जनवरी में सरकार ने मालेरकोटला में मुबारिक मंजिल पैलेस के अधिग्रहण, संरक्षण और उपयोग की स्वीकृति दी थी। बेगम मुनव्वर उल निसा ने प्रदेश सरकार को लिखा था कि मुबारक मंजिल पैलेस मालेरकोटला की वह इकलौती मालिक हैं और वे इस संपत्ति को प्रदेश या पर्यटन व सांस्कृतिक मामले विभाग सहित किसी भी व्यक्ति को देने के पूरे अधिकार रखती हैं।

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