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मोहाली की थिनर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, चार घंटे बाद बुझी, लाखों के नुकसान का अंदेशा

Fri, 15 Mar 2019 11:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
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मोहाली स्थित थिनर फैक्ट्री में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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मोहाली के फेज-7 इंडस्ट्रियल एरिया में एक थिनर फैक्ट्री में आग लग गई। आग तेजी से फैली और धुआं पूरे शहर में दिखने लगा। मोहाली व चंडीगढ़ फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन का दावा है कि आग से किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। मौके पर एसडीएम जगदीप सिंह सहगल, तहसीलदार व एसपी वरुण शर्मा की अगुवाई में प्रशासन व पुलिस की टीमें मौजूद रहीं। 

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एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी। फायर विभाग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। आग से लाखों रुपये का नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। शुक्रवार दोपहर को सी-142 में चलने वाली कैम टेक इंडस्ट्री जिसमें थिनर व पेंट आदि बनाने का काम किया जाता है। यहां केमिकल को मिलाते समय अचानक ब्लास्ट हो गया। 

चंद मिनटों में आग की लपटों ने कंपनी को पूरी तरह से घेर लिया। तेजी से फैल रही आग को देखते हुए साथ लगती कंपनियों के मालिकों ने तुरंत अपने यहां काम करने वाले स्टाफ को छुट्टी कर दी और आग बुझाने में सहयोग करने लगे। केमिकल से भरे ड्रमों में आग लगने के बाद कई बार धमाके भी हुए। सूचना पाकर प्रशासन का अमला और मोहाली फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग बुझाने में जुट गए।

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आग पर काबू पाते हुए फायर बिग्रेड कर्मचारी
इस दौरान दीवार तोड़कर आग को काबू पाने के प्रयास किए गए। बाद में रेत व फोम की मदद से आग बुझाई गई। शाम करीब साढ़े छह बजे आग पर काबू पाया गया तो लोगों ने राहत की सांस ली। कंपनी के मालिक सतपाल गर्ग ने बताया कि अचानक आग लगी है। 7-8 मुलाजिम काम कर रहे थे। सभी लोग सुरक्षित हैं।

फायर सेफ्टी के इंतजाम कंपनी में थे या नहीं, होगी जांच
मोहाली फायर ब्रिगेड अफसर कृष्ण लाल कक्कड़ ने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए। बीस गाड़ियों की मदद से काबू पाया गया है। इसमें चंडीगढ़ फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां शामिल थीं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इसमें देखा जाएगा कि फायर सेफ्टी के इंतजाम कंपनी में थे या नहीं।

फैक्ट्री में रहते हैं पांच परिवार
फैक्ट्री में चौकीदार के परिवार समेत पांच लोग परिवार सहित रहते हैं। आग लगने के बाद सारे परिवारों को तुरंत कंपनी से निकाला गया। लेकिन पारिवारिक सदस्य अलग-अलग हो गए। काफी देर तक माता-पिता अपने बच्चों के लिए परेशान होते रहे।

समय रहते आग पर काबू न पाया होता तो हो जाता भारी नुकसान
जिस कंपनी में आग लगी थी, उस कंपनी के आस-पास कई नामी कंपनियां स्थित हैं। एक कंपनी का तो बॉयलर तक वहां पर था। ऐसे में अगर आग पर समय रहते काबू न पाया जाता तो आग वहां तक पहुंच सकती थी। इसके बाद काफी नुकसान हो सकता था लेकिन फायर ब्रिगेड कर्मियों ने सूझबूझ के साथ अन्य कंपनियों से जाकर आग को बुझाया।
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