अस्पतालों में अब मरीजों को डॉक्टर के रूम के बाहर ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक बड़ी सुविधा दी जा रही है। अब हर चौथे मरीज के बाद सीनियर सिटीजन का नंबर आएगा।
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने जीएमएसएच-16, मनीमाजरा हॉस्पिटल, सेक्टर-22 व सेक्टर-45 के पॉलीक्लीनिक के अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा कि ओपीडी में हर चौथे मरीज को देखने के बाद सीनियर सिटीजन व डिसेबल लोगों को देखा जाए।
डॉक्टरों के रूम के बाहर खड़े सिक्योरिटी गार्ड को निर्देश दिए गए हैं कि जब डॉक्टर चार सामान्य मरीज को देख लें तो सीनियर सिटीजन को अंदर जाने दिया जाए। इस बारे में दिशा-निर्देश लगभग सभी हॉस्पिटल की ओपीडी में चस्पां कर दिए गए हैं।
पीजीआई में अब तक नहीं दी गई रियायत
पीजीआई ने सीनियर सिटीजन को अब तक कोई रियायत नहीं दी है। साल की शुरुआत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआई अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सीनियर सिटीजन को इलाज में प्राथमिकता दी जाए। पीजीआई ने सीनियर सिटीजन के लिए ग्रीन कार्ड बनाने शुरू कर दिए थे, लेकिन अब तक सुविधा शुरू नहीं हुई है। पीजीआई की ओपीडी में काफी लंबी लाइन लगती है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत सीनियर सिटीजन को आती है।
सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने उठाया था मामला
कुछ दिन पहले चंडीगढ़ के होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल सेक्टर-37 स्थित सीनियर सिटीजन ब्रदर हुड की ओर से आयोजित एक कैंप में पहुंचे थे। इस दौरान एसोसिएशन ने अस्पतालों व डिस्पेंसरी में सीनियर सिटीजन को इलाज के दौरान प्राथमिकता दिए जाने की डिमांड रखी थी।
उनका कहना था कि सीनियर सिटीजन होने के बावजूद उन्हें कोई रियायत नहीं दी जाती। भीड़ इतनी होती कि वेखड़े-खड़े व्यक्ति थक जाते हैं। इस पर होम सेक्रेटरी ने आश्वासन दिया था कि वे उनकी मांग जल्द से जल्द से पूरी कर देंगे। होम सेक्रेटरी ने इस बारे में डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज से जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए थे।