हाल ही में हुए एक सर्वे में इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्न की लत को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पंजाब का अमृतसर जिला इसमें पहले नंबर पर है। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2017 के माहौल के बीच यह बात सरकार, पुलिस और साइबर विभाग के लिए काफी हैरान करने वाली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बीते छह महीनों में चाइल्ड पोर्न फाइल्स शेयर करने में सबसे आगे अमृतसर, लखनऊ, अलापुझा, त्रिशूर जैसे शहर रहे। इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्न देखने में अमृतसरवासियों की रुचि इतनी पाई गई कि जुलाई 2016 से लेकर 15 जनवरी 2017 तक 4.3 लाख फाइलें अकेले अमृतसर में देखी गईं। इस मामले में दिल्ली दूसरे नंबर पर है और उसके बाद लखनऊ।
यहीं नहीं, इंटरनेट पर चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मैटीरियल (CSAM) तलाशने और शेयर करने के मामले में छोटे शहरों से लेकर बड़े तक सभी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा कानपुर बैराकपुर और दीमापुर जैसे शहरों में भी चाइल्ड पोर्न देखने वालों की तादादा बढ़ी है।
चाइल्ड पोर्न देखना या डाउनलोड करना कानूनन अपराध
चाइल्ड पोर्न
हाल ही में अमेरिकी भाषा विज्ञानी जेम्स कर्क जोन्स को गिरफ्तार किया गया। उनके पास चाइल्ड पोर्न की 30 हजार से ज्यादा फाइलें मिलीं। यह देखकर पुलिस हैरान रह गई। जेम्स एक बेहद सुरक्षित फाइल शेयरिंग नेटवर्क गीगा ट्राइब का इस्तेमाल कर रहा था, जिसके जरिए वह 490 'लाइक माइंडेड' लोगों से जुड़ा हुआ था।
इस खुलासे के बाद जब सरकारी डाटा खंगाला गया और सर्वे किया गया तो यह सब खुलकर सामने आया। वहीं साइबर लॉ एक्सपर्ट बताते हैं कि चाइल्ड पोर्न देखना या डाउनलोड करना कानूनन अपराध है। चाइल्ड पोर्न देखना या डाउनलोड करना या शेयर करना गैर जमानती अपराध है। इसमें 7 साल की जेल और 10 लाख रुपये जुर्माना लग सकता है।
बता दें कि चाइल्ड पोर्न की रोकथाम के लिए देश में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने एक नैशनल अलायंस बनाने का ऐलान किया, जो कानूनी एजेंसियों, मंत्रालयों, आईटी एक्सपर्ट्स, इंटरपोल और एनजीओ से गठजोड़ करके चाइल्ड पॉर्न रोकथाम की दिशा में काम करेगा।