बिक्रम मजीठिया को गिरफ्तार कर ले जाते पुलिसकर्मी
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ हजारों पन्नों की चार्जशीट दाखिल करने के बाद शुक्रवार को सियासी गलियारों में सरगर्मियां बनी रहीं। कम समय में ही पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से अदालत में दाखिल की गई इस चार्जशीट के बाद जहां मजीठिया की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, वहीं आप ने भी इस बात को दोहराया है कि नशे से जुड़ा कोई भी जरनैल या बड़ी मछलियां अब बचेंगी नहीं। उधर अकाली नेता मजीठिया के खिलाफ इस कार्रवाई को दुर्भावना से प्रेरित बता रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही साफ कह चुके हैं कि इस मामले में अभी तो और बड़ी मछलियां सामने आएंगी। पिछले दिनों सीएम ने कहा था कि हम नशे को बढ़ावा देने वालों की फैलाई हुई गंदगी को साफ करने आए हैं। आप नेता बलतेज पन्नू भी इशारा कर चुके हैं कि कई अकाली नेताओं को लग रहा है कि इस मामले के बाद उनकी कलई न खुल जाए, कहीं अगला नंबर उनका न आ जाए, क्योंकि उन्हें उन कंपनियों से डर लगने लगा है, जिनकी डिटेल्स सामने आई हैं। जिस तरह से पंजाब में एक दशक तक भ्रष्टाचार हुआ, नशे को बढ़ावा मिला और हमारे युवा इस लत में फंस गए, आज तक लोग उसे भूल नहीं पाए हैं। इसलिए विजिलेंस अपना काम कर रही है और अदालत अपना काम करेगी।
शिरोमणि अकाली दल मजीठिया की गिरफ्तारी का लगातार विरोध कर रहा है। दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल इस कार्रवाई को मजीठिया के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध करार दे चुके हैं। उन्होंने आप पर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या करने का आरोप लगाया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दलजीत सिंह चीमा कहते हैं कि हर एक अकाली कार्यकर्ता आप सरकार के दमन के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा और जवाब देगा।
गाैरतलब है कि विजिलेंस मजीठिया की आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इस चार्जशीट में विजिलेंस से अरबों रुपये की बेनामी संपत्ति का ब्योरा दिया है। इनमें कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के भी बयान दर्ज किए गए हैं। चार्जशीट में कई आलीशान कारों और सैकड़ों बैंक खातों का करीब 10 साल के रिकॉर्ड का भी जिक्र किया गया है।