मोहाली। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर इलाके में शनिवार सुबह मुठभेड़ में कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया हत्याकांड का मुख्य आरोपी करन उर्फ डिफॉल्टर मारा गया। यह मुठभेड़ क्रिकेट स्टेडियम के पास गांव रूरखी खाम (एयरपोर्ट रोड) पर हुई जहां सीआईए स्टाफ ने घेराबंदी कर करन को पकड़ने का प्रयास किया। सुबह सात बजे करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग के बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में करन गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार करन .30 बोर पिस्टल से लैस था और खुद को घिरा देख उसने पुलिस टीम पर कई राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। एसएसपी मोहाली हरमनदीप सिंह हंस ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की।
जानकारी के मुताबिक करन शुक्रवार रात पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। वह सीआईए स्टाफ की हिरासत में था और हथियार की रिकवरी के लिए पुलिस उसे अपने साथ ले जा रही थी। इसी दौरान घने कोहरे के कारण पुलिस की गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ गई। इसी बीच मौके का फायदा उठाते हुए करन ने सीने में दर्द का बहाना बनाया। जब उसे इलाज के लिए खरड़ अस्पताल ले जाया जा रहा था तो रास्ते में उसने हथकड़ी से एक पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया और फरार हो गया। इस हमले में पुलिस मुलाजिम जसपिंदर घायल हो गया था।
करन के फरार होने के बाद खरड़ थाने में देर रात एफआईआर दर्ज की गई थी और उसकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। मोहाली के अलावा फतेहगढ़ साहिब और रोपड़ रेंज की कई पुलिस टीमें रातभर उसकी तलाश में जुटी रहीं।
पुलिस कस्टडी से भागने के बाद छह से सात घंटे तक फरार रहा
एसएसपी हरमनदीप हंस ने बताया कि करन करीब छह से सात घंटे तक फरार रहा। शनिवार सुबह सीआईए टीम को उसके मुल्लांपुर इलाके में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिली। इसके बाद इलाके की घेराबंदी कर ट्रैप लगाया गया। पुलिस को देखते ही करन ने फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कस्टडी से फरारी के बाद करन को किसने शरण दी और इस दौरान किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। मुठभेड़ को लेकर अलग से एफआईआर दर्ज की जा रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।