अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गुप्ता की अदालत ने एक सब इंस्पेक्टर की हत्या के आरोपी को दोषी करार दिया है। उसके खिलाफ हत्या सहित कई अन्य मामले दर्ज हैं। कोर्ट ने संदेह के आधार पर दो आरोपियों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया है। दोषी को 14 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।
15 नंवबर 2018 को धारूहेड़ा पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब ठेकेदार की हत्या और दूसरे मामले में वांछित खरखड़ा निवासी नरेश औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलने के बाद सब इंस्पेक्टर रणबीर सिंह पुलिस बल के साथ नरेश की गिरफ्तारी के लिए पहुंचे थे। अलवर बाईपास के निकट पुलिस ने नरेश को घेर लिया। इसी दौरान उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में सब इंसपेक्टर रणबीर के पेट के ऊपरी हिस्से में गोली लगी थी।
पुलिस ने जवाबी फायरिंग में नरेश को गिरफ्तार कर लिया था। रणबीर को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने नरेश से पूछताछ की तो उसे हथियार उपलब्ध कराने वाले मोदीनगर के संतपुरा गोविंदपुरी निवासी संजीव उर्फ संजू और देहरादून की ईदगाह कॉलोनी निवासी सुधीर उर्फ टिल्लू के नाम सामने आए थे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया था।
कोर्ट में हुई 26 लोगों की गवाही
करीब चार साल तक अदालत में चले इस मामले में 26 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए। वकीलों की दलीलें और गवाहों के बयान के आधार पर हत्या के मामले में संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने संजीव और सुधीर को बरी कर दिया। मगर मुख्य आरोपी नरेश को हत्या का दोषी करार दिया। अब उसे 14 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।