आखिरकार 3 महीने की मासूम को मां-बाप का साथ मिल ही गया। उसे एक परिवार ने गोद लिया है, जबकि उसकी अपनी मां उसे अपना नहीं सकती थी। मामला चंडीगढ़ का है। मामा के दुराचार की शिकार दस वर्षीय बच्ची की बेटी को महाराष्ट्र के दंपति ने गोद लिया है। गोद लेने की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को दंपति को सौंप दिया गया है।
दंपति ने बच्ची को गोद लेने के लिए चंडीगढ़ समाज भलाई विभाग की बेवसाइट पर आवेदन किया था। हालांकि, कुछ कागजी कार्रवाई बाकी है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने गोद लेने वाले दंपति की पहचान गुप्त रखी है। बताया जा रहा है कि दंपति महाराष्ट्र के एक संपन्न परिवार से है।
दंपति बच्ची के लिए कपड़े भी साथ लेकर आया था। चंडीगढ़ चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के चेयरमैन संगीता वर्धन ने कहा कि सारी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है। बता दें कि शहर में जुलाई माह में 10 साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया था। बच्ची के मामा ने ही उसके साथ दुराचार किया था।
लड़की के पेट में दर्द के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया तो पता चला था कि वह तीन महीने की गर्भवती है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया था। लड़की के परिवार ने जिला अदालत में गर्भपात की अर्जी लगाई थी, जिसे 18 जुलाई को रद्द कर दिया था। सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में दुराचार पीड़ित बच्ची ने बच्ची को जन्म दिया था।