शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की रोशनी से अमृत की वर्षा होती है। इस दिन खीर बनाकर लोग चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं। उसके बाद खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। लेकिन इस बार इससे वंचित रहना पड़ेगा। शरद पूर्णिमा 28 अक्तूबर को है। इस बार चंद्र ग्रहण है। चंडीगढ़ सेक्टर 30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ग्रहण के कारण शाम में मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। शाम चार बजकर 5 मिनट पर ही ग्रहण का सूतक लग जाएगा। 15 दिनों में दो ग्रहण का योग बना है। इसलिए सूतक के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। आश्विन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। ग्रहण पर तीर्थ स्थान, हवन, पूजा पाठ कल्याणकारी होता है। उन्होंने कहा कि यदि एक महीना के अंदर दो ग्रहण हों तो इसका प्रभाव कष्टकारक होता है।
यह भी पढ़ें: Punjab: एक नवंबर को होगी खुली बहस 'मैं पंजाब बोल्दा हां'... सीएम भगवंत मान ने आम लोगों को दिया न्योता
चंद्र ग्रहण का समय ...
28 अक्तूबर की रात 1 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगा। रात 1 बजकर 44 पर मध्य और 2 बजकर 24 मिनट पर चंद्र ग्रहण समाप्त हो जाएगा।
ग्रहण में क्या करें और क्या न करें...
श्री देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष और सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी पंडित डॉ लाल बहादुर दुबे ने बताया कि ग्रहण के दौरान हवन, पूजन यज्ञ, ध्यान और पूजा कल्याणकारी होता है। अनावश्यक खाना पीना न करें। झूठ, कपट आदि से बचें। गर्भवती महिलाओं को भोजन नहीं करना चाहिए। सब्जी या फल काटने का निषेध है। उन्होंने कहा कि कई मंदिरों में एक दिन पहले ही शरद पूर्णिमा का आयोजन हो रहा है।
साल का आखिरी ग्रहण...
सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर लगने वाला चंद्र ग्रहण साल का आखिरी ग्रहण है। उन्होंने कहा कि चंद्र ग्रहण होने के कारण खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में न रखें। क्योंकि चंद्र ग्रहण के कारण शाम चार बजकर पांच मिनट से ही ग्रहण का सूतक लग जाएगा। ऐसे में यह दूषित हो जाएगा।
यह करें दान, राशियों के अनुसार...
राशि वस्तु
मेष लाल रंग
वृष सफेद
मिथुन हरा
कर्क सफेद
सिंह लाल
कन्या हरा
तुला सफेद
वृश्चिक लाल
धनु पीला
मकर काला
कुंभ काला
मीन पीला