मुख्यमंत्री शुक्रवार को समीक्षा बैठक में पहुंचे थे। उन्होंने लंपी की रोकथाम के लिए मिशन मोड में काम करने के आदेश दिए हैं। कहा, कोरोना महामारी की तरह लंपी की रोकथाम के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। पशुपालन विभाग को रणनीति के तहत काम करना होगा। दिन-रात जुटना पड़ेगा।
टीकाकरण अभियान में तेजी लानी होगी। मुख्य सचिव को आदेश दिए कि जितनी वैक्सीन उपलब्ध है, उससे तत्काल पशुओं का टीकाकरण किया जाए। बाजार में जितनी वैक्शीन उपलब्ध है उसे खरीदा जाए। बैठक में मुख्य सचिव संजीव कौशल, प्रधान सचिव वी. उमाशंकर व पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अफसर मौजूद रहे। पशुपालन मंत्री जयप्रकाश दलाल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में जुड़े।
हर रोज अपडेट हो डाटा
मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को माइक्रो लेवल पर मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है। कहा, लंपी से प्रभावित पशुओं का डाटा हर रोज अपडेट होना चाहिए। जिन पशुओं की मौत हो रही है उसका आंकड़ा भी तत्काल अपडेट होना चाहिए। गोशालाओं में नजर रखी जाए। लंपी से प्रभावित पशुओं को अलग रखा जाए। इस कार्य में कोई समस्या है तो जिला उपायुक्त से तत्काल मदद ली जाए। पशुओं की आवाजाही एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में बंद की जाए। लंपी से मरने वाले पशुओं को जिला प्रशासन गहरा गड्ढा खोदकर सही तरीके से दफनवाए।
मुख्य सचिव लेंगे बैठक, तय होगा एक्शन प्लान
लंपी को लेकर मुख्य सचिव संजीव कौशल शनिवार सुबह सभी जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, पशुपालन विभाग के सभी अधिकारियों की बैठक लेंगे। एक्शन प्लान तैयार होगा और तमाम जिलों को लक्ष्य दिए जाएंगे। जिलावार लंपी की जमीनी हकीकत जानी जाएगी और इसके बाद टीकाकरण को प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाएगा। साथ ही सभी एसपी को निर्देश दिए जाएंगे की पड़ोसी राज्यों से पशुओं की आवाजाही को रोका जाए।