पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए लुधियाना के थाना सुधार के गांव अब्बूवाल में एनआरआई परिवार के ट्रिपल मर्डर केस की जांच सीबीआई को सौंप दी है। पुलिस 15 दिन में जांच से जुड़ा रिकार्ड सीबीआई को सौंपेगी और सीबीआई 9 माह में नए सिरे से जांच आरंभ कर पूरी करेगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
मृतक सुरजीत कौर के बेटे सर्बजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस की जांच पर सवालिया निशान लगाया था। याची ने कहा था कि पुलिस ने इस मामले में घर में काम करने वाले दिव्यांग नौकर अकश कुमार को हत्या की वारदात कबूल कर लेने पर गिरफ्तार किया। अकश दिव्यांग है और उसका एक हाथ सही ढंग से काम नहीं करता। ऐसे में यह कैसे हो सकता है कि दिव्यांग ने तीन लोगों की हत्या की और उन पर तेजधार हथियार से 24 वार किए। हाईकोर्ट ने दलीलों से सहमति जताते हुए सीबीआई को मामले की नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सर्बजीत सिंह ने याचिका दायर कर कहा कि उनकी मां सुरजीत कौर, सुरजीत कौर के एनआरआई जीजा शिंगारा सिंह और शिंगारा सिंह की पत्नी मनजीत कौर की तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई। इस मामले में लुधियाना के सुधार पुलिस स्टेशन ने आठ मई 2013 को हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज की। बाद में सुरजीत कौर के घर में काम करने वाले अकश कुमार को पुलिस ने 22 मई 2013 को गिरफ्तार कर लिया और कहा कि अकश ने हत्या की वारदात को कबूल किया है। ट्रायल कोर्ट में अकश कुमार पर इस मामले में आरोप भी तय किए जा चुके हैं।