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टैक्स सिस्टम में सुधार: पीएम मोदी के एलान पर कारोबारी खुश, बोले- भ्रष्टाचार पर लगेगी की लगाम

Thu, 13 Aug 2020 09:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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हरीश केयरपाल, दिनेश कुमार।
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देश के ईमानदार करदाताओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान प्लेटफार्म का शुभारंभ कर दिया है। सरकार के नए कदम का कारोबारियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह सिस्टम लागू होने से आयकर विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा।

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गौर हो कि आयकर रिटर्न फाइल करने के बाद इसकी स्क्रूटनिंग का काम भी स्थानीय स्तर पर होता था। ऐसे में आयकर विभाग में काम करने वाले स्थानीय अफसर रिटर्न देखते ही उस व्यक्ति से सीधे संपर्क साध लेते थे। यह सीधा संपर्क कई भ्रष्टाचार को सीधा बढ़ावा देता रहा है। 

अब सरकार के नए प्लेटफॉर्म से साफ हो गया कि रिटर्न फाइल करने वाले व्यक्ति की रिटर्न की जांच देश में किसी भी अफसर को कंप्यूटराइज्ड तरीके से सौंपी जाएगी। दोनों में कोई सीधा संपर्क नहीं होगा। ऐसे में आयकर विभाग का नोटिस मिलने पर उसका जवाब भी ऑनलाइन देना होगा। इस जवाब की जांच भी देश में किसी भी अधिकारी के पास जा सकती है। सीधे तौर पर कहें तो सारा काम फेसलेस होगा। 

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बढ़ सकती है रिर्टन फाइल करने की कीमत

सरकार द्वारा फेसलेस सिस्टम लागू होने के बाद रिटर्न फाइल करने में प्रोफेशनल की मांग बढ़ जाएगी। फिलहाल आम व्यक्ति रिटर्न फाइल करवाने के लिए अकाउंटेंट या फिर जानकार से भी काम करवा रहा था। जिसके लिए महज पांच सौ रुपये तक दिए जाते थे। जबकि साधारण रिटर्न फाइल करने के लिए भी प्रोफेशनल 11 सौ रुपये से लेकर 1500 रुपये चार्ज करते हैं। लेकिन सब काम ऑनलाइन और फेसलेस होगा। ऐसे में प्रोफेशनल की मांग बढ़ेगी। क्योंकि छोटी सी गलती होने पर नोटिस का जवाब भी ऑनलाइन देना होगा ऐसे में रिटर्न फाइल करने वाले व्यक्ति को पूरे कानून का ज्ञान होना जरूरी होगा। ऐसे में प्रोफेशनल की मांग बढ़ेगी।
  • फेसलेस एसेसमेंट: आप जिस शहर से रिटर्न फाइल कर रहे हैं, अब वहां का इनकम टैक्स अफसर आपका केस नहीं देखेगा, बल्कि कंप्यूटराइज्ड प्रक्रिया से देश के किसी भी अफसर को यह केस अलॉट हो जाएगा। 
  • टैक्सपेयर चार्टर: इसका मकसद करदाताओं की दिक्कतें कम करना और अफसरों की जवाबदेही तय करना है। ताकि ईमानदार टैक्सपेयर्स को सम्मान मिले और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान हो जाए।
  • फेसलेस अपील: अगर रिर्टन फाइल करने वाले किसी व्यक्ति को आयकर विभाग से नोटिस मिलता है, वह ऑनलाइन अपील कर सकेगा। यह प्रोसेस भी फेसलेस रहेगा। अपीलकर्ता और उसकी जांच करने वाले अफसर एक दूसरे को नहीं जानते होंगे। 
फैसला स्वागत योग्य 
यह फैसला स्वागत योग्य है, क्योंकि अब किसी को नहीं पता होगा कि उनकी रिटर्न की स्क्रूटनिंग किस अफसर को जाएगी। यहां तक नोटिस पर उसकाजवाब भी किस अफसर को देना है। यह भी किसी को पता नहीं होगा। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम कसेगी। क्योंकि सीधा संवाद होने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। हरीश केयरपाल, वित्त सचिव निटवेयर क्लब लुधियाना।

सिस्टम को सरल करने का प्रयास
सरकार सिस्टम को सरल करने का प्रयास कर रही है। ताकि आम लोगों को फायदा दिया जा सके। हालांकि फेसलेस स्क्रूटनिंग और अपील पर काम पहले से चल रहा है। एक बात साफ है कि आने वाले दिनों में अपील की संख्या में इजाफा हो जाएगा। क्योंकि रिटर्न की स्क्रूटनिंग कंप्यूटराइज्ड होगी, ऐसे में छोटी सी गलती पर नोटिस मिलना स्वभाविक है। - दिनेश कुमार, सीए लुधियाना
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