प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पंजाब के डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में अभी तक नामजद किए गए छह आरोपी आपस में जानकार हैं। इनमें से चार लोग रिश्तेदार हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोटरसाइकिल और घटना वाले दिन कार से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया गया है। जो बाइक आरोपियों के कब्जे से बरामद की गई है, वह उन्हीं की है।
चार महीने के अंदर अंदर सजा कराने की रहेगी कोशिश
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले की जांच जल्द पूरी करने और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रयास की हिदायत की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के लिए मुख्यमंत्री जल्द ही चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से मिलने जा रहे हैं। पुलिस की कोशिश रहेगी कि चार महीने के अंदर अंदर इस मामले में नामजद आरोपियों को सजा दिलवाई जा सके।
हेल्पलाइन नंबर भी होंगे शुरू
डीजीपी गुप्ता ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए पंजाब पुलिस की तरफ से हेल्पलाइन नंबर 181 को फिर से शुरू किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ेगी तो ऐसी जगहों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस स्टेशन भी खोले जाएंगे। पीसीआर और रूरल रैपिड रिस्पांस सेवा को पूरी तरह से सही किया जाएगा। इसके अलावा कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की तरफ से महिलाओं के खिलाफ अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर इस मामले में और भी आरोपी सामने आएंगे तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर डीआईजी रणवीर सिंह खटड़ा, पुलिस कमिश्नर सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी जगरांव वरिंदर सिंह बराड़ और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।