सरकार के पास ऐसे अस्पतालों को बंद करने या अपने अधीन लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं जिनमें निजी अस्पताल सरकार द्वारा तय रेट से अधिक पैसे ले रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में शिकायत स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 104 पर और डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय में दर्ज करवाई जा सकती है।
डीसी वरिंदर शर्मा ने कहा कि सभी निजी अस्पताल किसी भी मरीज की मजबूरी का फायदा नहीं उठाएंगे। ऐसा करने वाले डिफाल्टर अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्यवाई के अलावा सरकार के पास और कोई चारा नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ ने इस मुश्किल समय के दौरान तन मन से लोगों की सेवा कर मिसाल कायम की है लेकिन सिस्टम में कुछ ऐसे व्यक्ति भी हैं जो स्थिति का अनुचित फायदा उठाकर लोगों को धोखा दे रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्ती से पेश आएगा। राज्य और जिला स्तरीय कमेटी जल्द ही निजी अस्पतालों की तरफ से करवाए गए कोविड-19 मरीजों के इलाज का विस्तृत ऑडिट करेगी।