लुधियाना के बहुचर्चित इस्सेवाल सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार सभी छह आरोपियों की पहचान केंद्रीय जेल लुधियाना में करवाई गई। पीड़िता और उसके दोस्त दोनों से अलग-अलग पहचान करवाई गई। उन्होंने सभी आरोपियों की पहचान कर दी है। पहचान परेड के दौरान मामले की सुनवाई कर रहे जज अंकिल एरी भी मौके पर मौजूद रहे। लगभग तीन घंटे में पहचान परेड हो पाई। सभी आरोपी फिलहाल 28 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में हैं। 28 फरवरी को पुलिस दोबारा सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दायर करेगी, ताकि सभी आरोपियों की आमने सामने बैठाकर पूछताछ की जा सके।
छह के ग्रुप में से ढूंढना था एक आरोपी
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुल छह आरोपी न्यायिक हिरासत में है। ऐसे में 36 लोगों के छह ग्रुप बनाए गए। प्रत्येक ग्रुप में एक आरोपी को रखा गया। पीड़िता के सामने बारी बारी प्रत्येक ग्रुप को लाया जाता, पीड़िता को उसमें आरोपी की पहचान करनी होती थी। पीड़िता ने सभी आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पीड़िता के दोस्त के सामने भी इस तरह ग्रुप में छुपाकर आरोपियों को पेश किया गया। उसने भी आरोपियों को पहचान लिया।
जांच बोर्ड के सामने बोली पीड़िता, माफी नहीं इंसाफ चाहिए
पीड़िता शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित तीन सदस्य जांच बोर्ड के सामने बयान देने पहुंची। जांच अधिकारियों ने पेशकश रखी कि वह माफी मंगवा देते हैं, जिस पर पीड़िता ने दो टूक कहा कि उसे माफी नहीं इंसाफ चाहिए ताकि किसी अन्य के साथ वह इस तरह का व्यवहार न कर सके। पीड़िता ने अपने लिखित बयान जांच टीम को दिए। वहीं मामले में विभाग लगातार लापरवाही बरत रहा है।
शुक्रवार को पीड़िता को जांच टीम ने सिविल सर्जन के दफ्तर में बुलाया, जबकि पुलिस पीड़िता की पहचान छुपाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। पीड़िता ने जांच अधिकारियों को बताया कि 11 फरवरी को मेडिकल जांच के समय उसकी गोपनीयता को भंग किया गया है। उस समय कमरे में दो पुरुष मौजूद थे। जिनके सामने उसकी मेडिकल जांच की गई है।
यही नहीं मेडिकल कर रही डॉ. नीलम भाटिया ने उससे कहा कि इन्नी रात को तू उत्थे की करण गई सी। मेडिकल जांच के बाद उसे सिर्फ तीन गोलियां देकर घर भेज दिया गया। पीड़िता ने साफ कहा कि जिन पर उसने आरोप लगाया है, उन्हें जांच में क्यों नहीं बुलाया गया। उसके सामने उनसे पूछताछ की जानी चाहिए थी। इस पर जांच टीम के सदस्यों ने कहा कि वह जल्द उन्हें बुलाकर पूछताछ करेंगे।
यह बेहद गंभीर मामला है। एसएमओ सुधार, डॉ. नीलम भाटिया और स्टाफ नर्स सुरजीत को तलब किया गया है। पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए है, इस मामले की जांच कर पूरी रिपोर्ट जल्द ही सिविल सर्जन को आगे कार्रवाई के लिए सौंप दी जाएगी। पीड़िता को पूरा इंसाफ दिया जाएगा।
- डॉ. हितेंदर कौर, एसएमओ एवं जांच अधिकारी