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नियमों को ताक पर रख ग्रंथियों ने कराई प्रेमी जोड़ों की शादी, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, जानिए मामला

Thu, 20 Jun 2019 01:06 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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आनंद कारज - फोटो : फाइल फोटो
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दो गुरुद्वारों के ग्रंथियों ने नियमों को ताक पर रखकर प्रेमी जोड़ों की शादी करवा दी। मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कड़ी फटकार लगाई है। घर से भागकर शादी रचाने वाले प्रेमी जोड़ों की न उम्र पूछी गई। न किसी रिश्तेदार की मौजूदगी जरूरी समझी गई और न ही प्रेमी जोड़े की पहचान दर्ज की गई, और फिर उनकी शादियां करवा दी गईं।
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मामले में मोहाली जिले की खरड़ तहसील के गांव करोड़ कलां और गांव नड्डा सिंघा के गुरुद्वारों के ग्रंथियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तलब कर कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही ग्रंथियों को तय कानून के अनुसार ही शादी कराने और उससे पहले पुलिस को सूचना देने की सख्त हिदायत दी है।

मामला उस समय खुला, जब एक प्रेमी जोड़े ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके सुरक्षा की मांग की। जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित जिले के एसएसपी को याचियों की मांग पर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।

लेकिन इस याचिका का निपटारा करते हुए उन्होंने कहा कि वह लगातार देख रहे हैं कि खरड़ तहसील के गांव करोड़ कलां के गुरुद्वारा गुरु नानक निवास साहिब और गांव नड्डा सिंघा के गुरुद्वारा दशमेश पिता पातशाही में ऐसे प्रेमी जोड़ों की शादियां करवाई जा रही हैं, जो घर से भागकर आते हैं।

उन्होंने कहा कि इन दोनों गुरुद्वारों में प्रेमी जोड़ों की शादी कराने से पहले न तो उनकी उम्र देखी जा रही है कि कानूनन वह शादी की उम्र के लायक हैं या नहीं। इसके अलावा शादी में प्रेमी जोड़े के किसी रिश्तेदार की मौजूदगी भी नहीं होती।
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इस स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट ने खरड़ के एसएचओ को उक्त दोनों गुरुद्वारों के ग्रंथियों को हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश जारी किए थे। बुधवार को दोनों ग्रंथियों को हाईकोर्ट में पेश किया गया तो जस्टिस ग्रेवाल ने दोनों को कड़ी फटकार लगाई।

इस पर दोनों ग्रंथियों ने कोर्ट से माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि उन्होंने शादियां कराने से पहले कोई जांच नहीं की, लेकिन उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि भविष्य में वे ऐसी कोई गलती नहीं करेंगे और प्रेमी जोड़ों की पहचान दर्ज करने के अलावा सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करेंगे।

इसके साथ ही, खरड़ के एसएचओ ने भी हाईकोर्ट को आश्वासन दिया और तय नियमों के मुताबिक ही शादी कराए जाने की बात कही।
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