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घटिया सफाई प्रबंधों को देखकर तैश में आए सेहत मंत्री, दी गंदी गालियां

Sun, 31 Jul 2016 09:31 AM IST
दविंदर पाल सिंह/अमर उजाला ब्यूरो, मोगा
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Surjeet SinghJyani - फोटो : amar ujala
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सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्यानी मरीजों का हाल जानने सिविल अस्पताल पहुंचे तो वहां घटिया सफाई प्रबंध देखकर तैश में आ गए। फिर उनके मुंह से इतनी गंदी गालियां निकली कि आधिकारियों ने अपनी जीभ दांतों नीचे दबा ली।
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इस मौके सिविल सर्जन ओर अन्य सेहत आधिकारियों की मौजूदगी में मंत्री के मुंह से निकली गंदी गाली की वीडियो भी वायरल हो गई है। यहां सिविल अस्पताल में सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्यानी ने डायलिसिस सेंटर की जांच करते इंचार्ज डॉ. रमिंदर शर्मा से पेचिस मरीजों को दीं जाने वाली सहूलितों की जानकारी हासिल की।

इस के बाद सेहत मंत्री ने जच्चा-बच्चा वार्ड, कैदी ओर अन्य वार्डों की चैकिंग की तो जच्चा बच्चा वार्ड में प्रसूति करवाने के लिए आई गरीब महिला छोटे मासूम बच्चे के साथ फर्श पर पड़ी देखी और दो प्रसूति करवाने के लिए आईं महिलाएं एक बेड पर पड़ीं देखी तो मंत्री का पारा चढ़ गया।
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इस दौरान अस्पताल में पंखों पर जमी धूल एवं गंदी दीवारों पर जाले देख कर तो मंत्री जी पूरे तैश में आ गए, इस मौके उनके मुंह से बहन की गंदी गाली निकल गई तो उन्होंने अपने आप को संभालते कहा कि किसी को सफाई की कोई चिंता ही नहीं।

इस मौके सिविल सर्जन डा. महिंदर सिंह जस्सल, सहायक सिविल सर्जन डा. अरुण गुप्ता, जिला सेहत अधिकारी डॉ. नरेश गुप्ता, एसएमओ डॉ. राजेश अत्री, डॉ. गगनदीप सिंह के अलावा नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर अनिल बांसल के अलावा अस्पताल का स्टाफ भी मौजूद था। 
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गंदी दीवारों पर जाले देख कर तो मंत्री जी पूरे तैश में आ गए

Surjeet Singh Jyani - फोटो : file photo
इस मौके पत्रकारों से बातचीत करते सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्यानी ने सफाई करने वाली कंपनी का ठेका रद्द करने और विभाग के डायरैक्टर को तरुंत स्थानीय सिविल अस्पताल में सफाई आदि प्रबंधों का जायजा लेने की हिदायत करते बताया कि मुख्यमंत्री काला पीलिया (हेपेटाइटिस सी) मुफ्त इलाज योजना के अंतर्गत आर्थिक पक्ष से कमजोर मरीजों को लाभ देने के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये की दवाएं मंगवाई गई हैं, उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में बैंडों की कमी होने के कारण मरीजों को समस्या आती है और यहां 50 बैड की बढोतरी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेड की कमी होने के बावजूद किसी महिला को प्रसूति से वापस नहीं मोड़ा जाता चाहे उसका नीचे बिस्तर लगाना पड़े। उन्होंने कहा अस्पताल के मेहनती स्टाफ कारण ओपीडी में 800 से 900 मरीजों की जांच होती है। इस मौके उन्होंने शहर में पेचिस फैलने संबंधित कहा कि सेहत विभाग अपने स्तर पर पुख्ता प्रबंध किये जा रहे हैं लेकिन नगर निगम भी अपनी जिम्मेदारी समझे और साफ सुथरा शुद्ध पानी  उपलब्ध करे। 
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