मोगा पहुंचा शहीद का पार्थिव शरीर
शहीद की पत्नी सुखजीत कौर ने बताया कि सुबह के समय उनका फोन आया था और कह रहे थे कि उन्हें परिवार की बहुत याद आ रही है। जैमल ने बताया कि वे श्रीनगर जा रहे हैं। यहां ट्रैफिक बहुत है, शाम को पहुंचकर बात करेंगे। लेकिन शाम को टीवी चैनलों पर खबर चलने लगी कि सीआरपीएफ पर आतंकवादियो ने हमला कर दिया है, जिसके बाद से परिवार की सांसे अटक सी गई और रात होते होते शहादत की खबर मिली।
सुखजीत कौर ने बताया कि उन्हें रात करीब साढ़े दस बजे पुष्टि हुई कि आतंकी हमले के दौरान शहीद होने वाले करीब 40 जवानों में जैमल सिंह भी शामिल हैं। जिसके बाद परिवार समेत गांव गलोटी में मातम छा गया। जैमल ड्राइवर थे और जब यूनिट एक से दूसरी जगह शिफ्ट की जा रही थी, तब सीआरपीएफ की बस को वही चला रहे थे। जैसे ही काफिला पुलवामा पहुंचा, एक एसयूवी गाड़ी बस से आकर भिड़ गई। टक्कर लगते ही धमाका हो गया और बस के परखच्चे उड़ गए।