रजिस्ट्री क्लर्क पर रिश्वत का आरोप लगाकर सस्पेंड करने की कर रहे हैं मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। जीरकपुर तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क से 50 हजार रिश्वत मांगने के विवाद के बाद बेशक नतीजा किसी मुकाम पर नहीं पहुंचा है, लेकिन इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
जीरकपुर तहसील में वीरवार को एक वकील ने रजिस्ट्री क्लर्क पर रजिस्ट्री करवाने के एवज में 50 हजार की रिश्वत मांगने और कमरा बंद कर धक्का मुक्की का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद से ही तहसील के बाहर काम करने वाले सभी वकीलों ने हड़ताल कर दी और रजिस्ट्री क्लर्क (आरसी) विजय सिंह को सस्पेंड करने की मांग करते हुए हड़ताल कर दी। इस कारण वीरवार को एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। शुक्रवार को वकीलों की हड़ताल जारी रही जिस कारण तहसील का काम प्रभावित रहा और केवल दो रजिस्ट्री ही हो पाई। वकीलों ने शुक्रवार को रजिस्ट्री से संबंधित सभी काम बंद रखे जिस कारण रजिस्ट्री लिखवाने आने वाले लोगों को भी निराश लौटना पड़ा और जिन लोगों ने रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट ले रखी थी, उनको भी पूरा दिन परेशान होना पड़ा। नायब तहसीलदार पूरा दिन अपने दफ्तर में बैठे रहे और स्टाफ भी मौजूद रहा, लेकिन रजिस्ट्रियों का काम ठप रहा।
सरकार को दो दिन में हुआ करोड़ों के राजस्व क नुकसान
जीरकपुर शहर तेजी से डेवलप हो रहा है और कई बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट जीरकपुर में चल रहे हैं। रोज करोड़ों की प्रॉपर्टी बेची व खरीदी जाती हैं। जीरकपुर तहसील में पोर्टल पर 120 नाॅर्मल रजिस्ट्री और करीब 10 तत्कालीन रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट का प्रावधान है। रोज औसतन 80 से 85 लोगों को अपॉइंटमेंट मिलती है। जिसमें से डॉक्यूमेंट पूरे करने वाले करीब 60 से 70 लोगों की रजिस्ट्रियां होती हैं। जिससे सरकार को अच्छा खासा रेवेन्यू मिलता है। गत दो दिन में केवल दो रजिस्ट्रियां हुई हैं, जिससे सरकार को करोड़ों के रेवन्यू का लॉस हो गया है। अगर वकीलों की हड़ताल लंबी चलती है तो यह नुकसान कई गुना हो सकता है।
कोट्स
शुक्रवार को तहसील का स्टाफ आया था और रजिस्ट्री के लिए कई अपॉइंटमेंट थीं, लेकिन कई में कमियां थीं और मोहर नहीं लगी थी, जिस कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी। दो रजिस्ट्री ही हो पाई हैं, जबकि जीरकपुर तहसील में रोज करीब 70 रजिस्ट्रयां होती हैं। रेवेन्यू का नुकसान तो हो रहा है, लेकिन कुछ कहा नहीं जा सकता। वकीलों की ओर से रजिस्ट्री क्लर्क पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी जांच उच्च अधिकारी करेंगे, इसमें मेरा कोई रोल नहीं है।
-राजकुमार, सब तहसीलदार