हफ्ते भर में जाट आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने हरियाणा रोडवेज की 33 बसों को आग के हवाले और 99 बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पिछले दिनों में अलग-अलग जगहों पर न केवल आठ करोड़ की बसें खाक हो चुकी हैं, बल्कि यात्री किराये से होने वाली कमाई में भी तीन करोड़ से अधिक का घाटा होने की आशंका है।
एक आकलन के मुताबिक बसों को हुए नुकसान और यात्री किराये से होने वाली कमाई को मिलाकर पिछले तीन दिनों में हरियाणा रोडवेज को 15 करोड़ का नुकसान हो चुका है। प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोग सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।
परिवहन विभाग के महानिदेशक के मुताबिक 33 बसों को जलाया गया है, जबकि 99 बसों को क्षतिग्रस्त करने सहित बसों का संचालन बाधित होने से भी नुकसान हुआ है। महानिदेशक ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण होते ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
रोजाना सफर 13 लाख किमी से घटकर सैकड़े पर पहुंचा
परिवहन मंत्री ने बताया कि हरियाणा रोडवेज की बसें रोजाना करीब 13 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं, लेकिन 15 से 21 फरवरी के दौरान यह आंकड़ा कम होते होते महज कुछ सौ किलोमीटर ही रह गया।
परिवहन मंत्री ने माना कि परिवहन व्यवस्था पर आंदोलन का विपरीत असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि रविवार को अंबाला तक कुछ बसें गईं, जिनमें यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम रही।