भगवान जगन्नाथ के रथ को भव्य तरीके से सजाया गया था। रिमझिम फुहारों के बीच भारी संख्या में भक्त जन मौजूद हैं। यात्रा का शुभारंभ पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और डिप्टी मेयर देवेश मौदगलि ने किया।
यह यात्रा सेक्टर 31 के भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुरू हो गया। शाम में जब भगवान मौसी के घर पहुंचेंगे तो चंडीगढ़ की सांसद की किरण और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन भी पहुंचेंगे।
बीमारी के बाद पहली बार आंखें खोली
इससे पहले भगवान जगन्नाथ शुक्रवार को पूर्ण स्वस्थ हो गए। उन्होंने बीमारी के बाद शुक्रवार को पहली बार आंखें खोली। मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मी धर ने उपस्थित भक्तों को सूचना दी।
इसके बाद श्री जगन्नाथ मंदिर में घंटा घड़ियाल बजना शुरू हो गया। भगवान की भव्य आरती हुई। भगवान ने शुक्रवार दोपहर चावल का भोग ग्रहण किया। भगवान का नेत्र उत्सव हुआ। लक्ष्मीधर ने बताया कि इस अवसर पर मदिर में झंडा चढ़ाया गया।
उन्होंने बताया कि भगवान शनिवार को विश्राम करेंगे। इसके बाद रविवार को दोपहर बाद भक्तों को दर्शन देने के लिए अपने श्री मंदिर से निकलेंगे और शहर में भ्रमण करेंगे। भ्रमण के दौरान वे अपने मौसी के घर जाएंगे।
जड़ी बूटियों से इलाज के बाद भगवान ठीक
मंदिर को संचालित करनेवाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के प्रचार मंत्री एसके नंदा ने बताया कि सात जुलाई को भगवान बहुडा यात्रा के बाद अपने श्री मंदिर में रत्न जड़ित सिंहासन पर विराजमान होंगे। इस दौरान 30 जून से छह जुलाई तक मंदिर में भजन संध्या का आयोजन प्रतिदिन होता रहेगा।
देव स्नान पूर्णिमा के दिन 108 घड़ों के पानी से उन्हें स्नान कराया गया था। इस दौरान भगवान बीमार हो गए थे। उनका पुजारी ने जड़ी बूटियों से इलाज किया। इस दौरान मंदिर के पट बंद रहे। एसके नंदा ने बताया कि यह पुरानी प्रथा चली आ रही है। रथयात्रा के दिन सुबह से ही हवन और पूजा शुरू हो जाएगी।