ब्रिटिश ब्रिगेडियर जनरल डायर की ओर से निहत्थे लोगों पर चलाई गईं गोलियों के निशान जलियांवाला बाग की दीवारों पर देखकर लंदन के मेयर सदीक खान की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल 1919 की घटना बेहद दुखद है। यहां पर जो त्रासदी हुई उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। ब्रिटिश सरकार को जलियांवाला बाग के शहीदों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने उपरोक्त बातें जलियांवाला बाग विजिटर बुक में भी लिखी।
इस दौरान उन्होंने शहीदी कुआं भी देखा। अंग्रेजी में लिखी लाइनों में शहीदी कुआं का इतिहास पढ़ा तो नजरें सामने दीवार पर लगी गोलियों के निशानों पर जा टिकी। कुछ देर तक गोलियों के निशान निहारते रहे। उसके बाद वह शहीदों को नमन करने शहीदी लाट पर जा पहुंचे। हाथ जोड़ शहीदों को नमन किया और अखंड ज्योति पर कुछ देर तक हाथ जोड़कर खड़े रहे।
पाक मूल के ब्रिटिश मेयर सदीक खान भारत और पाक दोनों देशों के तीन-तीन बड़े शहरों के अधिकारिक दौरे पर हैं। उन्होंने मंगलवार रात को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ डिनर पर बैठक भी की। बुधवार को अमृतसर पहुंचे लंदन के मेयर श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुए। परिक्रमा के बाद उन्होंने लंगर भवन में पंगत में संगत के साथ बैठकर प्रसाद छका। उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के ओर से सम्मानित किया गया। श्री दरबार साहिब की विजिटर बुक में उन्होंने लिखा कि ऐसे पवित्र स्थान पर आकर मुझे बहुत खुशी महसूस हुई, मैं धन्य हो गया।