लुधियाना से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी चुनाव नही लड़ेंगे, यह बात लगभग तय हो गई है।
सूत्रों की माने तो उन्होंने अपनी सेहत का बहाना बनाकर चुनाव ना लड़ने का निर्णय किया है लेकिन अंदर की बात कुछ और ही इशारा कर रही है।
तिवारी के मैदान छोड़ने के बाद लुधियाना के विधायक भारत भूषण आशू लुधियाना सीट से कांग्रेस के टिकट के प्रमुख दावेदार बन गये हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने धुरी से विधायक अरविंद खन्ना का नाम भी आगे बढ़ाया है। अरविंद खन्ना इन दिनों पंजाब कांग्रेस में खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, लुधियाना में स्थानीय विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतर जाने के बाद मनीष तिवारी का गणित गड़बड़ा गया है।
माना जा रहा है कि आशु जोकि लुधियाना वेस्ट से विधायक हैं, तिवारी के कट्टर विरोधी रहे हैं क्योंकि तिवारी ने विधानसभा चुनाव के दौरान आशु की टिकट की दावेदारी का विरोध किया था।
उस समय तिवारी पार्टी के जिलाध्यक्ष पवन कुमार बंसल को टिकट दिलवाना चाहते थे। फिर भी, आशू भारी मतों से जीतकर विधायक बने और उन्होंने अपने क्षेत्र में लगभग सभी काउंसिल मेंबर्स भी चुनवाए।
अब बैंस ब्रदर्स के मैदान मे उतरने के बाद संभवत: आशू अपना वोट बैंस के पक्ष में डलवा सकते हैं और इसी आशंका के मद्देनजर मनीष तिवारी चुनाव नहीं लड़ना चाहते।
रविवार को दिन भर मनीष तिवारी के चुनाव लड़ने को लेकर विरोधाभासी खबरें आती रहीं और इस मामले पर सियासी गलियारों में चर्चा भी जारी रही।
मनीष तिवारी केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री हैं। इलाज के लिए उन्हें साउथ दिल्ली के अस्पताल में भरती कराया गया है।