पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हरमोहन धवन ने 1999 में कांग्रेस को समर्थन दिया था। अब उन्हें लगता है कि ये उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल थी। धवन ने कहा कि उस समय लोकसभा चुनाव में उन्होंने ही पवन कुमार बंसल को जिताया था और इस बार बंसल को हराएंगे भी वो ही।
वीरवार को उन्होंने अपने निवास पर प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी जिसमें उनके साथ भाजपा प्रत्याशी किरण खेर भी थी। इस मौके पर उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के महामंत्री मोहम्मद सलीम खान का भाजपा में शामिल होने पर स्वागत किया।
कॉलोनियों की जिम्मेदारी धवन की
हरमोहन धवन ने कहा कि इस बार चुनाव में प्रचार केलिए पार्टी ने उन्हें कॉलोनियों और गांवों की जिम्मेदारियां दी हैं। वहीं सेक्टरों में प्रचार का जिम्मा पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन को सौंपा गया है।
मनचले देंगे गुल को वोट
प्रेस कांफ्रेंस केदौरान धवन कांग्रेस से ज्यादा आप प्रत्याशी गुल पनाग पर बरसे। उन्होंने कहा कि चुनाव तक गुल की बत्ती गुल हो जाएगी। धवन ने कहा कि अगर वो एक्ट्रेस हैं तो क्या जनता उन्हें वोट देगी।
उन्हें तो सिर्फ मनचले ही वोट देंगे। धवन ने ये भी कहा कि गुल को जो वोटें पड़ेंगी, उसका नुक्सान कांग्रेस को ही होगा, भाजपा को नहीं।
अब मेरी इज्जत दांव पर है
हरमोहन धवन ने कहा कि इस बार किरण को जिताने केलिए उनकी इज्जत दांव पर लगी है। उन्होंने कहा कि अब उनका अस्तित्व खत्म हो गया है और वह पूरी तरह भाजपा को समर्पित हैं।
धवन ने कहा कि उन्होंने अपनी विरासत किरण खेर को सौंप दी है और उन्हें जिताने के लिए उनके समर्थक भी पूरा जोर लगा रहे हैं। धवन ने कहा कि ये किरण खेर का चुनाव नहीं बल्कि हरमोहन धवन का चुनाव है।