प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा और पीपीपी प्रधान मनप्रीत बादल ने गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया। समझौते के तहत मनप्रीत बादल अपने पतंग चुनाव चिन्ह पर बठिंडा सीट से कांग्रेस के समर्थन से लड़ेंगे जबकि राज्य में बाकी लोकसभा सीटों पर पीपीपी, कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन करेगी। जल्दी ही दोनों पार्टियों का साझा मेनिफेस्टो जारी किया जाएगा और साझी कैंपेन कमेटी भी बनाई जाएगी। मनप्रीत बादल ने कहा कि पीपीपी शुरू से चाहती थी कि इस जालिमाना निजाम के खिलाफ सभी पार्टियां इकट्ठी हों। वर्करों की राय थी कि किसी राष्ट्रीय सेकुलर पार्टी का सहारा लिया जाए। बाजवा ने बठिंडा से भरोसा जताया है, इस बार अकाली-भाजपा को ऐतिहासिक नुकसान होगा। पंजाब को हैरान करने वाला नतीजा देंगे।
हाईकमान की मंजूरी से यह समझौता हुआ
सीएम प्रकाश सिंह बादल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनप्रीत बोले कि वह खुद पहली बार कांग्रेस से विधायक बने थे। मनप्रीत को पार्टी से निकाला, परचे दर्ज हुए, तब उन्हें दुख नहीं हुआ था। भगवंत मान सहित कई लोगों के जाने पर मनप्रीत बोले कि वह अकेले नहीं हैं। लोग राजनीति में आते-जाते रहते हैं। इस मौके पर प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस की यही कोशिश थी कि प्रदेश सरकार के खिलाफ सभी सेकुलर ताकतें इकट्ठी हों। हाईकमान की मंजूरी से यह समझौता हुआ है। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि सत्ताधारी गठबंधन ने क्रिमिनल इकोनॉमी का प्रसार किया है। ये माफिया के पैरोकार हैं।
मुनीर नियाजी के शेर से बातों की शुरुआत
प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद पीपीपी प्रमुख मनप्रीत बादल ने अपनी बातों की शुरुआत मुनीर नियाजी के शेर से की।
उनको मनाने में, उनके पास जाने में,
फिर मुस्कुराने में, मैं देर कर देता हूं।
बाजवा के साथ बैठे मनप्रीत बोले, देर हो गई पर चलो मिल तो गए। जिस मकसद को लेकर चले थे, उसी के तहत समझौता किया है।
गठबंधन होते दोनों पार्टियों के सुर बदले
गठबंधन के साथ ही दोनों पार्टियों के सुर बदल गए हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को भ्रष्ट कहने वाले मनप्रीत बादल ने कहा कि कांग्रेस ने अच्छे नेता दिए हैं। देश की तरक्की में कांग्रेस का अहम रोल है। एक सवाल पर वह बोले कि किसी को सर्टिफिकेट देने वाले वह कौन होते हैं। वहीं, बाजवा बोले कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मनप्रीत अकालियों से मिले हैं।
बाजवा ने इशारों में कैप्टन पर किया हमला
प्रताप बाजवा ने इशारों में कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोला। पिछले चुनाव में गठबंधन को लेकर वह बोले कि सर्दियों में कपड़े पहने होते तो अपने कपड़े नहीं उतरते। अब अकालियों के कपड़े उतारने का वक्त है। कैप्टन अमरिंदर सिंह कह चुके हैं कि पार्टी प्रधान का फैसला मानेंगे। मनप्रीत उनसे मिल चुके हैं, उन्होंने भरोसा दिया है कि बठिंडा में जब भी कैंपेन की जरूरत होगी, वह आएंगे। मनप्रीत बादल ने बताया कि आप नेता योगेंद्र यादव ने उनसे समझौते की बात की थी लेकिन आप की संवैधानिक शर्त है कि चुनाव से पहले किसी से समझौता नहीं हो सकता। ऐसे में पीपीपी को ‘आप’ में विलय करना पड़ता। इसके लिए पार्टी वर्कर तैयार नहीं थे, इसलिए समझौता सिरे नहीं चढ़ा।