फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजब की है संगरूर सीट की गणित, दो दशक से लगातार दोबारा कोई नहीं बना सांसद

Fri, 22 Mar 2019 08:57 AM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

संगरूर संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने किसी राजनेता को लगातार दो बार सांसद नहीं चुना है। पिछले बीस वर्ष से तो यही परंपरा चली आ रही है। इससे पहले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला एकमात्र ऐसे राजनेता रहे हैं जिन्होंने 1996 के आम लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के दो वर्ष बाद 1998 में हुए मध्यावधि चुनाव में जीत हासिल कर मिसाल कायम की थी।

विज्ञापन


आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक भगवंत मान ने 2014 के लोकसभा चुनाव में करीब सवा दो लाख वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी। तब कांग्रेस की गुटबाजी के चलते पार्टी के वोट बैंक में जबरदस्त सेंधमारी हुई थी और पार्टी के करीब आधे वोट, आम आदमी पार्टी के खाते में चले गए थे। इसी कारण कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला (वर्तमान प्रदेश कैबिनेट मंत्री) अपनी जमानत बचा नहीं सके थे। इस बार आम आदमी पार्टी से खैरा ग्रुप के अलग होने से नई सियासी तस्वीर बन सकती है। जबकि अन्य सियासी दलों पर भी भितरघात के बादल मंडरा रहे हैं।   

विज्ञापन

 सांसद भगवंत मान से पहले कांग्रेस के नेता विजयइंदर सिंगला ने 2009 में यहां से चुनाव जीता था। 2004 में अकाली दलके सुखदेव सिंह ढींढसा सांसद बने थे। 1999 में अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान सांसद चुने गए थे और 1998 व 1996 में अकाली दल के नेता व पूर्व सीएम बरनाला सांसद बने थे।

 कांग्रेस के गुरचरण सिंह ददाहूर 1991 में और अकाली दलमान के राजदेव सिंह 1989 में यहां से संसद पहुंचे थे। 1984 में अकाली दल के बलवंत सिंह रामूवालिया, 1980 में कांग्रेस के गुरचरण सिंह निहाल सिंहवाला और 1977 में अकाली दल के सुरजीत सिंह बरनाला ने चुनाव में जीत दर्ज की थी। 1971 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के तेजा सिंह स्वतंत्र यहां से सांसद निर्वाचित हुए थे।

 1962 में सीपीआईके रणजीत सिंह सांसद बने थे। बहरहाल, संगरूर संसदीय सीट पर सियासी पत्ते पूरी तरह से नहीं खुले हैं। चुनाव प्रचार ने भी जोर नहीं पकड़ा है। ऐसे में आने वाला वक्त ही बताएगा कि मतदाताओं की चुप्पी को तोड़ने में किस सियासी पार्टी का नेता सफल हो पाता है।   
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें