सांसद भगवंत मान से पहले कांग्रेस के नेता विजयइंदर सिंगला ने 2009 में यहां से चुनाव जीता था। 2004 में अकाली दलके सुखदेव सिंह ढींढसा सांसद बने थे। 1999 में अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान सांसद चुने गए थे और 1998 व 1996 में अकाली दल के नेता व पूर्व सीएम बरनाला सांसद बने थे।
कांग्रेस के गुरचरण सिंह ददाहूर 1991 में और अकाली दलमान के राजदेव सिंह 1989 में यहां से संसद पहुंचे थे। 1984 में अकाली दल के बलवंत सिंह रामूवालिया, 1980 में कांग्रेस के गुरचरण सिंह निहाल सिंहवाला और 1977 में अकाली दल के सुरजीत सिंह बरनाला ने चुनाव में जीत दर्ज की थी। 1971 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के तेजा सिंह स्वतंत्र यहां से सांसद निर्वाचित हुए थे।
1962 में सीपीआईके रणजीत सिंह सांसद बने थे। बहरहाल, संगरूर संसदीय सीट पर सियासी पत्ते पूरी तरह से नहीं खुले हैं। चुनाव प्रचार ने भी जोर नहीं पकड़ा है। ऐसे में आने वाला वक्त ही बताएगा कि मतदाताओं की चुप्पी को तोड़ने में किस सियासी पार्टी का नेता सफल हो पाता है।