वर्ष 2022 विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने भारी बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। आप ने कुल 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने 18, शिरोमणि अकाली दल ने 3, भाजपा ने 2, बसपा 1 और 1 आजाद उम्मीदवार भी जीत कर विधानसभा पहुंचा था। आप को सबसे अधिक 42 प्रतिशत वोट शेयर मिला था। इसी तरह कांग्रेस को 23, शिअद को 18.4, भाजपा को 6.6 प्रतिशत और बसपा को 1.8 प्रतिशत वोट शेयर मिला था।
पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं रह गए हैं। इसी कारण सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लोकसभा चुनाव का असर पंजाब के वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी होगा, इसलिए पार्टियां चुनाव में अपनी जीत पक्की करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं।
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यही कारण है कि सभी दलों ने अपने विधायकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है, ताकि वह चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दें। लोकसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर ही विधायकों की आगामी विधानसभा चुनाव में भूमिका तय होनी है। पार्टियों में पूर्व विधायक व कई सीनियर नेता टिकट की चाह भी रखते हैं। लोकसभा चुनाव में तो उनकी ये इच्छा पूरी नहीं हो पाई है, इसलिए अब आगे विधानसभा चुनाव से ही उनको आस है। आगे की तैयारी के लिए ही वह अपनी ताकत दिखाने के लिए चुनावी रण में उतरे हुए हैं। इसके अलावा मौजूदा विधायकों पर भी लोकसभा चुनाव में अपनी विधानसभा हलकों में अच्छे प्रदर्शन का दवाब है।
विधानसभा चुनाव में शिअद बसपा के साथ गठबंधन में थी। इसी तरह भाजपा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींडसा की शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। कैप्टन अमरिंदर अब खुद भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में परस्थितियां अलग हैं, क्योंकि सभी प्रमुख राजनीतिक दल अकेले चुनाव मैदान में उतर हुए हैं। यही वजह है कि ज्यादातर सीटों पर मुकाबला रोचक बना हुआ है और प्रत्याशी एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। ऐसे में अब मौजूदा व पूर्व विधायकों का रोल अहम हो गया है, जो पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति को मजबूत करने के लिए चुनाव मैदान में उतर गए हैं।
कांग्रेस विधायक बाजवा ने लुधियाना में संभाला मोर्चा
कांग्रस के विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में लुधियाना में डेरा लगाया हुआ है। यहां सांसद रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस को छोड़कर भाजपा की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। बिट्टू के विरोध में ही बाजवा ने यहां मोर्चा संभाल रखा है। उनका कहना है कि लुधियाना कांग्रेस का गढ़ रहा है और इस बार भी वह यहां कांग्रेस की सीट सुनिश्चित करने के लिए जोर लगा रहे हैं। इसी तरह बाकी कांग्रेस विधायक व नेता भी लोकसभा चुनाव के जरिए अपना शक्ति प्रदर्शन करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि वह पार्टी में आगे चुनाव के लिए दावेदारी मजबूत कर सकें।
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आप विधायक व मंत्री का आनंदपुर साहिब में फोकस
इस तरह आदमी पार्टी के प्रत्याशी मलविंदर सिंह कंग के समर्थन में कैबिनेट मंत्री व आनंदपुर साहिब से विधायक हरजोत बैंस ने भी अपने क्षेत्र में पूरी ताकत झोंकी हुई है। वह लगातार एरिया में रोड शोर कर रहे हैं और साथ ही बाइक स्कूटर रैली में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा वह पार्टी प्रत्याशी की स्थिति मजबूत करने के लिए कई बैठकें भी कर चुके हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को समर्थन हासिल किया जा सकें और लोसकभा चुनाव में भी विधानसभा जैसे नतीजे हासिल किए जा सकें। कैबिनेट मंत्री होने के नाते ही बैंस की जिम्मेदारी अपने हलके में और अधिक बढ़ गई है। 2022 विधानसभा चुनाव में बैंस ने कांग्रेस प्रत्याशी कंवरपाल सिंह को 45,780 मतों के अंतर से हराया था। आप ने पांच कैबिनेट मंत्रियों को इस बार लोकसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया है और इन उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए विधायकों की भी खास जिम्मेदारी तय की गई है।
भाजपा व शिअद के विधायकों ने भी लगाया जोर
इसी तरह पार्टी के दिशा-निर्देशों अनुरूप भारतीय जनता पार्टी व शिअद के विधायक के भी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार में जुटे हुए हैं। ये लोकसभा के साथ ही अब आगामी विधानसभा चुनाव की भी तैयारी है। पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा संसदीय क्षेत्र गुरदासपुर से पार्टी प्रत्याशी दिनेश बब्बू की राह आसान बनाने के लिए जुटे हुए हैं। हालांकि, मौजूदा सांसद सनी देयोल के क्षेत्र में सक्रिय न होने के चलते जिस तरह से उनका विरोध रहा है, उसने स्थानीय विधायक की जिम्मेदारी और भी बढ़ा दी है। वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में अश्वनी शर्मा ने पठानकोट सीट पर 7,759 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इसी तरह शिअद ने भी प्रमुख सीटों पर अपने मौजूदा व पूर्व विधायकों को चुनावी अखाड़े में उतारा हुआ है। विधायकों के लिए भी ये चुनाव परीक्षा है, क्योंकि इसी से उनकी फाइनल परीक्षा 2027 विधानसभा की तैयारियों का पता चलेगा।